Anti terrorism day,

Anti terrorism day : इसी दिन हुई थी पूर्व PM राजीव गांधी की हत्या

नईदिल्ली. आज यानि 21 मई को पूरा देश आतंकवाद विरोधी दिवस(Anti terrorism day 2020) मनाता है, इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या हुई थी. जिसके बाद से भारत में आतंकवाद विरोधी दिवस (Anti terrorism day 2020) मनाने की शुरुआत हुई.

दरअसल दुनिया के कई मुल्क आज आतंकवाद से पीड़ित है. आतंकवाद की वजह से दुनिया में हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. भारत समेत कई देशों को इसकी वजह से भारी नुकसान और उठाना पड़ा है. आतंकवाद जैसी समस्या से पार पाने के लिए भारत ने 21 मई का दिन इसको समर्पित किया है.

हर साल 21 मई को पूरा देश आतंकवाद विरोधी दिवस(Anti terrorism day 2020) मनाता है. इसका मकसद लोगों को आतंकवाद के समाज विरोधी को कर्मों से अवगत कराना है. आतंकवाद की वजह से कितने लोगों को जानमाल का नुकसान उठाना पड़ता है उससे आम जनता को अवगत कराना इस आतंकवाद विरोधी दिवस का मकसद है ।

21 मई को ही क्यों मनाया जाता है एंटी टेररिज्म डे ?

दरअसल 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या हुई थी. उनकी हत्या के बाद ही 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस (Anti terrorism day 2020) के रूप में मनाने का फैसला किया गया. इस दिन हर सरकारी कार्यालयों में सरकारी उपक्रमों और दूसरी संस्थाओं सरकारी संस्थाओं में आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई जाती है।

कैसे हुई थी राजीव गांधी की हत्या

राजीव गांधी गांधी देश के प्रधानमंत्री थे तब वे श्रीपेरंबदूर में एक रैली को संबोधित करने वे तमिलनाडु गए थे. उसी दौरान एक महिला उनके सामने आ गई. इस महिला का संबंध आतंकवादी संगठन एलटीटीई से था. ये महिला जैसे ही राजीव गांधी के पैर छूने के लिए झुकी, उसने कपड़े के नीचे छिपे विस्फोक के जरिए धमाका कर दिया.  जिसमें राजीव गांधी के साथ साथ 25 लोगों की मौत हुई थी ।

आतंकवाद विरोधी दिवस (Anti terrorism day 2020) मनाने का मकसद – :

  • देश में आतंकवाद विरोधी दिवस मनाने का मकसद शांति और मानवता का संदेश फैलाना.
  • आतंकी गुट और वे कैसे आतंकी हमलों को अंजाम देते हैं उसके बारे में लोगों को जागरूक करना.
  • युवाओं को शिक्षित और प्रशिक्षण प्रदान करें ताकि आतंकी गुटों में शामिल ना हो.
  • लोगों के बीच एकता को बढ़ावा देना.
  • देश में आतंकवाद हिंसा के खतरे और उनके समाज लोग और दूसरे देश पर खतरनाक असर के बारे में जागरूकता पैदा करना.

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