आयुर्वेद दिवस: पीएम मोदी ने दो राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान राष्ट्र को समर्पित किए 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने5वें आयुर्वेद दिवसके उपलक्ष्य में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्र को दो प्रमुख आयुर्वेद संस्थान समर्पित किए। प्रधानमंत्री ने जिन संस्थानों को राष्ट्र को समर्पित किया उनमें एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान आयुर्वेदिक शिक्षण और अनुसंधान संस्थान आईटीआरए,जामनगर है और दूसरा राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर में है,जिसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा डीम्ड यूनिवर्सिटी की मान्यता होगी।

इस कार्यक्रम में आयुष मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री श्रीपद नाइक,राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्रा, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत,गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय भाई रूपाणी भी उपस्थित हुए।

आईटीआरए,जामनगर:हाल ही में संसद के एक अधिनियम के माध्यम से इस संस्थान की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। आयुर्वेदिक शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईटीआरए) के बारे में माना जा रहा है कि यह दुनिया में जल्द ही विश्व स्तरीय स्वास्थ्य देखभाल संस्थान बनकर उभरेगा। आईटीआरए में12विभाग, 3क्लीनिकल प्रयोगशाला और तीन अनुसंधान प्रयोगशाला हैं। यह पारंपरिक औषधि के अनुसंधान क्षेत्र में अगुआ संस्थान है और वर्तमान में33शोध परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रहा है। आईटीआरए की स्थापना गुजरात के जामनगर स्थिति गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर में4आयुर्वेदिक संस्थानों को जोड़कर की गई है। यह आयुष क्षेत्र में पहला ऐसा संस्थान है जिसे राष्ट्रीय संस्थान का दर्जा प्राप्त हुआ है। इसकी मान्यता और दर्जा बढ़ने से अब आईटीआरए आयुर्वेदिक शिक्षा के लिए मानक निर्धारित कर सकता है और अंतर्राष्ट्रीय मानक तथा आधुनिक अपेक्षाओं के आधार पर पाठ्यक्रमों का निर्धारण कर सकता है।

एनआईए,जयपुर:यह एक ऐसा आयुर्वेद संस्थान है जिसकी देशभर में प्रतिष्ठा है। इसे डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त है। एनआईए की175वर्ष की समृद्ध विरासत है जो बीते कुछ दशकों से आयुर्वेद के संरक्षण,इसे प्रोत्साहन और इसकी मान्यता को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान करता रहा है। एनआईए में इस समय14अलग-अलग विभाग है। इस संस्थान में शिक्षक-छात्र का अनुपात बहुत अच्छा है। वर्ष2019-20में955छात्रों पर75प्राध्यापक थे। इस संस्थान में विभिन्न आयुर्वेदिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं जिसमें डिप्लोमा प्रमाण पत्र से लेकर डॉक्टरेट की शिक्षा शामिल है। विश्व स्तरीय प्रयोगशालाओं की सुविधा के साथ शोध और अनुसंधान की गतिविधियों में भी यह संस्थान अगुआ रहा है। वर्तमान समय में इस संस्थान में54अलग-अलग शोध परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त यह राष्ट्रीय स्तर का संस्थान स्वास्थ्य देखभाल,शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित करेगा।

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