ईवीएम पर सवाल: उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस को दी नसीहत

नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस पार्टी को ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) पर सवाल उठाने को लेकर नसीहत दी है। उमर ने कहा कि अगर किसी को ईवीएम से समस्या है तो इस पर उनका रुख स्थिर रहना चाहिए।

उमर अब्दुल्ला ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “अगर आपको ईवीएम से दिक्कत है, तो यह समस्या तब भी होनी चाहिए जब आप चुनाव जीतते हैं। लेकिन अगर आप हारने पर ईवीएम को दोष देते हैं और जीतने पर इसका जश्न मनाते हैं, तो यह तर्कसंगत नहीं है।”

क्या है मामला?
हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया है, खासकर मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना में। हालांकि, इस बीच कुछ विपक्षी दलों ने ईवीएम की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े किए हैं।

उमर अब्दुल्ला ने इसी मुद्दे पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी बात पर टिके रहना चाहिए, चाहे नतीजा उनके पक्ष में हो या नहीं।

ईवीएम पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब ईवीएम की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए गए हैं। कई विपक्षी दलों ने पहले भी चुनाव आयोग पर ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। हालांकि, चुनाव आयोग ने हमेशा इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद हैं।

उमर का इशारा किस तरफ?
उमर अब्दुल्ला ने बिना किसी का नाम लिए संकेत दिया कि विपक्षी दलों को अपनी बातों में स्थिरता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी को चुनाव प्रणाली पर भरोसा नहीं है, तो यह मुद्दा चुनावी हार-जीत से परे होना चाहिए।

क्या आगे बदलेगी विपक्ष की रणनीति?
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने अभी उमर अब्दुल्ला की इस टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष ईवीएम के मुद्दे पर अपना रुख कैसे तय करता है।

इस टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है, जहां ईवीएम पर भरोसे को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच गहरी खाई दिखाई देती है।