
ठंड के मौसम में घर को गर्म रखने के लिए हीटर सबसे ज़रूरी उपकरण बन जाता है। बाज़ार में कई तरह के हीटर मौजूद हैं, लेकिन सबसे ज़्यादा इस्तेमाल Oil Heater और Fan Heater का होता है। दोनों का काम भले ही कमरे को गर्म करना हो, लेकिन इनके काम करने का तरीका, बिजली की खपत, सेफ्टी और आराम में बड़ा फर्क है। अगर आप नया हीटर लेने की सोच रहे हैं, तो यह तुलना आपके लिए मददगार साबित होगी।
Oil Heater कैसे करता है काम?
ऑयल हीटर के अंदर खास तरह का थर्मल ऑयल भरा होता है। जब हीटर चालू होता है तो यह ऑयल गर्म होकर धीरे-धीरे पूरे हीटर पैनल में गर्मी फैलाता है। यही गर्मी आसपास के कमरे में समान रूप से फैलती है।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बिल्कुल साइलेंट होता है और कमरे की नमी को खत्म नहीं करता। साथ ही, इसकी बाहरी सतह बहुत ज़्यादा गर्म नहीं होती, इसलिए बच्चों और बुजुर्गों वाले घरों के लिए इसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। एक बार कमरा गर्म हो जाए तो यह लंबे समय तक तापमान बनाए रखता है।
Fan Heater कैसे करता है कमरे को गर्म?
फैन हीटर इलेक्ट्रिक कॉइल की मदद से गर्मी पैदा करता है। इसके सामने लगा फैन उस गर्म हवा को तेजी से कमरे में फैलाता है। यही वजह है कि फैन हीटर बहुत कम समय में कमरे को गर्म कर देता है।
हालांकि, इसकी कुछ कमियाँ भी हैं। यह हवा को काफी सूखा देता है, जिससे लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर गले या आंखों में dryness महसूस हो सकती है। इसके अलावा, फैन की आवाज लगातार आती रहती है, इसलिए यह शांत वातावरण चाहने वालों के लिए थोड़ा परेशान करने वाला हो सकता है।
बिजली की खपत में कौन है ज्यादा किफायती?
बिजली की बचत इस बात पर निर्भर करती है कि हीटर का इस्तेमाल कैसे और कितनी देर के लिए किया जा रहा है। फैन हीटर जल्दी गर्मी देता है, इसलिए छोटे कमरे और कम समय के इस्तेमाल में यह ज्यादा किफायती साबित हो सकता है।
वहीं, ऑयल हीटर भले ही ज्यादा वॉट का हो, लेकिन यह कमरे को लंबे समय तक गर्म रखता है। बार-बार ऑन-ऑफ करने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे लंबे समय में यह बेहतर पावर एफिशिएंसी दे सकता है।
आपके लिए कौन सा हीटर सही?
अगर आपको तुरंत गर्मी चाहिए और कम समय के लिए इस्तेमाल करना है, तो फैन हीटर अच्छा विकल्प है। लेकिन अगर आप शांत, सुरक्षित और लंबे समय तक आरामदायक गर्मी चाहते हैं, तो ऑयल हीटर बेहतर साबित हो सकता है। हीटर खरीदते समय अपने कमरे का साइज, बिजली खपत और परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसला लेना सबसे समझदारी भरा कदम होगा।
