केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर स्कूल खोलने की मांग की एसोसिएशन ने

जिले के 20 प्रतिशत स्कूल बंद होने की कगार पर

रायपुर। कोरोना काल ने प्रायवेट स्कूल प्रबंधन (PRIVATE SCHOOL MANAGMENT) की कमर तोड़ दी है। कोरोना संक्रमण की वजह से मार्च माह से स्कूल बंद है। छात्रों का सिलेबस पूरा हो सके, इसलिए राज्य सरकार ने प्रायवेट स्कूलों को ऑनलाइन क्लास लगाने का निर्देश दिया है। ऑनलाइन क्लास लगाने के बावजूद पालकों द्वारा स्कूल प्रबंधन को शुल्क नहीं दिया जा रहा है।

स्कूलों (PRIVATE SCHOOL MANAGMENT) में शुल्क नहीं जमा होने से राजधानी के 20 प्रतिशत स्कूल बंद होने की कगार पर आ गए है। स्कूलों की परेशानी को देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन ने सीएम भूपेश बघेल को पत्र लिखा है। पत्र में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मांग की है, कि कोरोना संक्रमण में केंद्रीय विद्यालय खोला जा रहा है, तो उन्हें भी स्कूल खोलने की इजाजत दी जाए। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया, कि मार्च माह से अब तक लगातार प्रायवेट स्कूलों का नुकसान हो रहा है, सरकार निजी स्कूलों की तरफ भी ध्यान दे।

जिले में 1 हजार 850 निजी स्कूल

स्कूल शिक्षा विभाग (PRIVATE SCHOOL MANAGMENT) के अधिकारियों की माने तो जिले में लगभग 1 हजार 850 निजी स्कूल है। इन स्कूलों में लगभग 25 हजार शिक्षक और 20 हजार से ज्यादा कर्मचारी काम करते है। इन कर्मचारियों को कोरोना काल में प्रबंधन ने भुगतान किया। प्रबंधन का कहना है, कि कर्मचारियों को अब भुगतान करने में परेशानी हो रही है, इसलिए उन्हें स्कूल संचालन करने की इजाजत दी जाए।

गाइड लाइन पालन करने का दिया आश्वासन

प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन ने सीएम को लिखे पत्र में स्कूल खोलने के दौरान कोविड गाइड लाइन का पालन करने का आश्वासन दिया है। प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन के जिम्मेदारों का कहना है, कि जिस तरह से मध्य प्रदेश,उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में स्कूल खोला जा रहा है। उन सब गाइड लाइन का पालन करते हुए प्रदेश में भी स्कूल खोलने की इजाजत दी जाए, ताकि प्रदेश के नौनिहालों को शिक्षा सुचारू रूप से मिल सके।

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