कोरोना काल के बाद इन 20 यात्री सुविधाओं से लैस होगा भारतीय रेलवे, ट्रेनों में होगी यह व्यवस्था

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को बढ़ावा देते हुए कई इनहाउस इनोवेशंस तैयार किये हैं। जिसके तहत कोरोना काल के बाद इन 20 यात्री सुविधाओं से लैस होगा भारतीय रेलवे। इनमें से सतर्कता घंटी, कोचों के अंदर सीसीटीवी निगरानी समेत 20 नए इनोवेशंस को लागू करने का निर्णय लिया गया है।

ट्रेन रवाना होने से कुछ मिनट पहले यात्रियों को सतर्क करने के लिए घंटी बजेगी। यात्रियों के मोबाइल पर अनारक्षित टिकट जारी होंगे। इन सभी इनोवेशंस का उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए तकनीकी सुधार और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराना है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्विटर पर एक वाडियो जारी कर इसकी जानकारी दी है। इन्हीं इनोवेशंस में शून्य इलेक्ट्रिक खपत के साथ विकसित किया गया पानी का कूलर है। ये कूलर बोरीवली, दहानू रोड, नंदुरबार, उधना और बांद्रा रेलवे स्टेशनों पर लगाए गए हैं। इसी क्रम में एक और इनोवेशन है इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर एयर क्वालिटी की जानकारी देता एयर क्वालिटी इक्युपमेंट।

इसके अलावा कोरोना वायरस महामारी के कारण लोगों को एक-दूसरे के संपर्क में कम से कम आने को प्रोत्साहित करने के लिए मोबाइल ऐप और ब्लूटूथ प्रिंटर के माध्यम से अनारक्षित टिकट जारी किए जा रहे हैं।

रेलवे ने तैयार किए पोस्ट कोविड कोच

रेलवे ने कोरोना काल में यात्रियों को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पोस्ट कोविड कोच तैयार किया है। कपूरथला की रेल फैक्ट्री में ये कोच बनाए गए हैं। पोस्ट कोविड कोच में कॉपर कोटेड हैंडल, प्लाज्मा एयर प्यूरिफायर व टाइटेनियम डाई ऑक्साइड कोटिंग वाली सीटों के साथ ही पैरों से संचालित होने वाली विभिन्न सुविधाएं दी गई हैं। कपूरथला स्थित रेल फैक्ट्री ने कोरोना से बचाव के लिए अत्याधुनिक तकनीक से लैस कोच डिजाइन किया है। कोच में हाथों से छुए बिना ही पानी और साबुन का इस्तेमाल की सुविधा उपलब्ध होगी, जो पैरों से संचालित होंगे। इसके अलावा कॉपर कोटेड हैंडल, प्लाज्मा एयर प्यूरिफायर टाइटेनियम डाई ऑक्साइड कोटिंग वाले मैटेरियल से बने सीटों का इस्तेमाल किया गया है।

हर ट्रेन और डिब्बे की मिलेगी लाइव लोकेशन

ट्रेनों के साथ ही जल्द हर डिब्बे की लाइव लोकेशन का पता करना बेहद आसान हो जाएगा। इसके लिए भारतीय रेलवे ने खास तैयारी की है। भारतीय रेलवे दिसंबर 2022 तक अपने सभी डिब्बों में आरएफआईडी टैग लगाने की योजना तैयार की है। अब तक 23000 रेल डिब्बों में आरएफआईडी टैग लगाए जा चुके हैं। रेलवे के बाकी डिब्बों में ये टैग लगाने का काम लगातार किया जा रहा है। इस टैग के जरिए रेल डिब्बे जहां कहीं भी हों उनका लाइव लोकेशन पता लगाया जा सकता है।

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