कोरोना के इलाज के नाम पर लूटे जा रहे ग़रीब-आदिवासी : भाजपा –

भाजपा ने सरकार पर मौन रहने का लगाया आरोप

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय (Vishnudev Sai) ने प्रदेश में लगातार तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के कारण राज्य सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि कोरोना की रोकथाम में तो राज्य सरकार बुरी तरह विफल साबित हो चुकी है। कोरोना के इलाज के नाम पर निजी अस्पतालों में मची लूट-खसोट पर भी वह अपने निठल्लेपन का प्रदर्शन कर रही है।

प्रदेश के मध्यमवर्गीय और ग़रीब आदिवासी ज़मीन-ज़ायदाद व गहने बेचकर इलाज कराने को मज़बूर होकर लुट रहे हैं। श्री साय ने कहा कि निजी अस्पतालों में कोरोना के उपचार के लिए कोई गाइडलाइन और इलाज की राशि निश्चित करने के मामले में प्रदेश सरकार अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। निजी स्कूलों में ट्यूशन फीस को लेकर विधेयक तक लाकर दखल देने वाली सरकार यह कहकर कि, वह निजी अस्पतालों के मामले में दखल नहीं दे सकती, अपने दोहरे राजनीतिक चरित्र का परिचय दे रही है।

वीडियो हो रहे वायरल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय (Vishnudev Sai) ने भाटापारा-बलौदाबाजार ज़िले के पलारी की एक आदिवासी महिला का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला ने बताया कि राजधानी के निजी अस्पताल ने उनके पति को कोरोना पॉजीटिव बताकर 1.15 लाख रुपए ऐठ लिए। 7 दिन तक उसके पति का इलाज अस्पताल प्रबंधन ने किया और 1.75 लाख रुपए जमा करने के बाद पति को ले जाने के लिए कहा। महिला ने अस्पताल प्रबंधन से शासकीय अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा तो उक्त अस्पताल प्रबंधन ने बहुत-सी इधर-उधर की बातें करके महिला को अपने अस्पताल में रोक कर इलाज कराने के लिए लगभग बाध्य किया।

श्री साय (Vishnudev Sai) ने कहा कि प्रदेश सरकार एक तरफ ग़रीबों, आदिवासियों की हितैषी होने का ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ उसकी नाक के नीचे राजधानी में निजी अस्पताल कोरोना के नाम पर ग़रीब मज़दूरों व आदिवासियों तक को कंगाल करने पर आमादा हैं और राज्य सरकार निठल्ली होकर बैठी यह लूट-खसोट देख रही है। जब राजधानी का आलम यह है तो प्रदेश के दूसरे स्थानों पर कैसी लूट मची होगी, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। श्री साय ने कहा कि ‘बदलापुर की राजनीति’ न करके प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यदि प्रदेश में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को जारी रखते तो आज सभी कोरोना समेत अन्य गंभीर बीमारियों के नि:शुल्क इलाज की सुविधा मरीजों को मिली होती।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि कोरोना के मोर्चे पर प्रदेश सरकार को अपनी विफलता पर कोई शर्मिन्दगी तक महसूस नहीं हो रही है और वह अब भी झूठे आँकड़ों का रायता फैलाकर अपनी शेखी बघार रही है और राजनीतिक प्रलाप कर रही है, जबकि आँकड़े और ज़मीनी सच इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि कोरोना के मामलों में छत्तीसगढ़ का रिकवरी रेट अब भी सबसे खराब है। छत्तीसगढ़ के बाद सबसे खराब स्थिति मेघालय की है।

तड़प-तड़प कर मर रहे लोग

श्री साय ने कहा कि जुलाई माह के आख़िरी में छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों की संख्या जहाँ 9,192 और मृतकों की संख्या 54 थी वहीं अगस्त माह के आख़िरी में संक्रमितों का आँकड़ा 31,502 और मृतकों का आँकड़ा 277 हो चला है। ये ताज़ा आंकड़े चीख-चीखकर प्रदेश सरकार को लापरवाह बता रहे हैं, संवेदनहीन बता रहे हैं और प्रदेश की भूपेश सरकार को इस बात का दोषी ठहरा रहे हैं कि इस सरकार की लापरवाही के चलते प्रदेश कोरोना काल के गाल में समाता जा रहा है। श्री साय ने कहा कि क्वारेंटाइन सेंटर्स की ही तरह अब कोविड अस्पताल से भी लोग भागने और आत्महत्या करने लगे हैं। बस्तर संभाग के कोविड सेंटर में मरीज के तड़प-तड़पकर मर जाने की ख़बर प्रदेश सरकार की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।

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