चुनाव आयोग ने एक लोकसभा और सात विधानसभा क्षेत्रों में उप चुनाव टाले

नई दिल्ली, एजेंसियां। चुनाव आयोग ने अप्रत्याशित परिस्थितियों को देखते हुए लोकसभा की एक और विधानसभा की सात सीटों पर उपचुनाव फिलहाल टाल दिए हैं। चुनाव आयोग शुक्रवार को इन उपचुनावों के लिए नई तारीख पर चर्चा करेगा। बिहार की वाल्मिकी नगर लोकसभा सीट, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश की दो-दो तथा असम, मध्य प्रदेश व केरल की एक-एक विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना था।

इनमें असम (सिबसागर, विधानसभा क्षेत्र), तमिलनाडु ( तिरुवोट्टियूर और गुडियट्टम (एससी), विधानसभा क्षेत्र), मध्य प्रदेश (आगर (एससी), विधानसभा क्षेत्र), उत्तर प्रदेश (बुलंदशहर और टूंडला, विधानसभा क्षेत्र) और केरल (चावरा , विधानसभा क्षेत्र) शामिल हैं। ये सीटें पदासीन सदस्यों की मौत के कारण खाली हुई हैं।

इन सीटों पर 180 दिन के भीतर चुनाव करा पाना संभव नहीं

कानून के मुताबिक, सीट खाली होने के 180 दिन के भीतर चुनाव आयोग को उपचुनाव कराना होता है। इन आठ सीटों के लिए जुलाई, अगस्त और सितंबर की अलग-अलग तारीखों पर 180 दिन (छह महीने) की अवधि पूरी हो रही है। मौजूदा हालात की समीक्षा के बाद चुनाव आयोग ने पाया कि इन सीटों पर 180 दिन के भीतर चुनाव करा पाना संभव नहीं होगा। इसलिए आयोग ने कानून मंत्रालय से चुनाव टालने की अपील की थी। कानून के अनुसार, विशेष परिस्थितियों में कानून मंत्रालय से विमर्श करते हुए आयोग इस बात का प्रमाणपत्र जारी कर सकता है कि छह महीने की अवधि में उपचुनाव मुश्किल है।

ऐसे समय में चुनाव कराना स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा

चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि देश के कई हिस्सों में कोरोना वायरस की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। इस स्थिति में चुनाव कराना नागरिक के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा होगा। इसके अलावा कुछ राज्यों और जिलों में भारी वर्षा हुई है और बाढ़ की स्थिति है। इस अवधि के दौरान जिला प्रशासन बाढ़ नियंत्रण और शमन कार्यों में संलग्न होगा। दोनों बाधाएं चुनावी गतिविधियों को काफी प्रभावित करेंगी। भारी बारिश और बाढ़ के बाद असम और बिहार में हालत खराब हो गए हैं।

देश में चुनाव टालने से मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने नकारा

पिछले दिनों भोपाल के दौरे के दौरान कोरोना महामारी के चलते देशभर में विधानसभा चुनाव और उपचुनाव टलने की आशंकाओं को मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने सिरे से खारिज किया था। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी परिस्थितियों में भी चुनाव समय से होंगे। यदि कोरोना संक्रमण की स्थिति बिगड़ती है तो संबंधित एक-दो सीट को लेकर कोई फैसला लिया जा सकता है, पर चुनाव आगे नहीं बढ़ेंगे।

अरोड़ा के इस बयान से बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव और मध्य प्रदेश की 26 सीटों पर होने वाले उपचुनाव की स्थिति साफ हो गई है। इस घोषणा के बाद उपचुनाव को लेकर शासन और राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ जाएंगी। भोपाल में उप-मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अरुण तोमर का कहना है कि उपचुनाव से संबंधित हमारी पूरी तैयारी है। आयोग जब कहेगा, तब चुनाव करा सकते हैं।

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