छत्तीसगढ़ के 500 स्कूल होंगे बंद ! |

इन स्कूलों में राजधानी के लगभग 15 स्कूल शामिल

रायपुर। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन ने प्रदेश में शिक्षा की अलख जगाने वाले स्कूलों (SCHOOL EDUCATION) की कमर तोड़ दी है। लॉकडाउन में पालकों द्वारा फीस जमा नहीं करने से स्कूलों को करोड़ो रुपए का नुकसान हुआ है।

प्रदेश के लगभग स्कूल बंद होने की कगार पर आ गए है। प्रायवेट स्कूल के संचालक संगठन बनाकर राज्य सरकार से मदद की गुहार लगा रहे है। स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनो के जिम्मेदारों की मानें तो इस शिक्षा सत्र पूरे प्रदेश में लगभग 500 स्कूलों में ताला लगेगा। इन स्कूलों में राजधानी के लगभग 15 स्कूल शामिल है।

प्रदेश में लगभग 9 हजार स्कूल

स्कूल शिक्षा विभाग (SCHOOL EDUCATION) के अधिकारियों की मानें तो प्रदेश में लगभग 9 हजार स्कूल है। इन स्कूलों में लगभग ढाई लाख शिक्षक और कर्मचारी काम कर रहे है। लॉकडाउन में स्कूलों को पैसा नहीं आया, लेकिन स्टॉफ की फीस का भुगतान पूरा करना पड़ा।

हाईप्रोफाइल स्कूलों ने कोरोना काल में संघर्ष कर लिया, लेकिन मध्यमवर्गीय स्कूलों की कमर टूट गई और वो बंद होने की कगार पर आ गए। मध्यमवर्गीय स्कूलों के बंद होने के पीछे शिक्षा विभाग का भी हाथ है, क्योंकि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने वर्ष 2018-19 से आरटीई का भुगतान नहीं किया है।

92 करोड़ से ज्यादा का बकाया

प्रदेश के निजी स्कूलों (SCHOOL EDUCATION) का प्रतिनिधत्व करने वाले प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता की मानें तो प्रदेश के 9 हजार स्कूलों का लगभग 92 करोड़ का भुगतान बाकी है।

यह भुगतान वर्ष 2018 से लेकर 2020 तक का है। विभागीय अधिकारी हर बार भुगतान करने का आश्वासन देते है, लेकिन उनका आश्वासन हर बार बढ़ जाता है। राज्य सरकार ने पिछले कई वर्षों से आरटीई की फीस में इजाफा भी नहीं किया है। स्कूल बंद होने और आरटीई का भुगतान नहीं होने के सवाल पर स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है, कि स्कूलों का आरटीई का भुगतान करने की तैयारी की जा रही है। जल्द पैसा जारी कर दिया जाएगा।

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