नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने किया साफ, तय शेड्यूल के मुताबिक ही होगी जेईई मेन और नीट की परीक्षा

नई दिल्ली। ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) परीक्षा 1 से 6 सितंबर तक और नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित कराई जाएगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षाओं को तिथि को कंफर्म कर दिया है। आपको  बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से तरफ से जेईई (मुख्य) के लिए एडमिट कार्ड जारी किए गए थे और परीक्षा 1 सितंबर से 6 सितंबर 2020 के लिए निर्धारित की गई थी, अब तक कुल 8,58,273 उम्मीदवारों में से 6,498.223 उम्मीदवारों ने अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए हैं।

एनटीए ने शुरुआत में इन परीक्षाओं को मई और जून के महीनों में निर्धारित किया था, लेकिन कोरोनावायरस की वजह से हुए लॉकडाउन के कारण इन सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया। इससे पहले NTA ने JEE Main और NEET UG परीक्षाओं की तारीखें भी जारी कर दी थीं। जिसके बाद अब JEE मेन्स 1 से 6 सितंबर और NEET UG 13 सितंबर को आयोजित की जाएगी।

बयान में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को कोट करते हुए मंत्रालय ने कहा, ‘…परीक्षाएं पूरे एहतियात के साथ ली जाएंगी। ये स्थगित नहीं होने वाली।’ मंत्रालय ने ये बयान इन परीक्षाओं के लिए ज़िम्मेवार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के हवाले से दिए है। एनटीए शिक्षा मंत्रालय के तहत आता है।

NTA Letter

परीक्षाओं के स्थगन से जुड़ी याचिका को ख़ारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यही बात कही थी। एनटीए द्वारा जारी किए गए पब्लिक नोटिस के मुताबिक जेईई (मेन) अप्रैल की परीक्षाएं 1-6 सिंतबर और नीट यूजी 2020 की परीक्षा 13 सितंबर को होनी है।

पीएम मोदी से बोले सुब्रमण्यम स्वामी : दिवाली के बाद हो NEET और JEE Main की परीक्षा

subramanian swamy and narendra modi

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) और संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) को दिवाली तक स्थगित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय को निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने चेताया है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो विद्यार्थी आत्महत्या का रास्ता अपनाएंगे। पीएम मोदी को लिखे अपने महत्वपूर्ण पत्र में स्वामी ने कहा, “मेरी राय में परीक्षा आयोजित करने से देश भर के युवाओं द्वारा बड़ी संख्या में आत्महत्याएं किए जा सकती हैं।”

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