प्रसिद्ध गायक एसपी बालासुब्रमण्यम का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

चेन्नई।अपनी मखमली आवाज से लोगों का दिल जीतने के कारण 'गायकी का चांद कहे जाने वाले एस पी बालासुब्रमण्यम का तमिलनाडु पुलिस की 24 बंदूकों की सलामी के बीच शनिवार को यहां उनके फार्म हाउस पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। गायक, अभिनेता एवं संगीतकार बालासुब्रमण्यम का कोरोना वायरस संक्रमण के कारण शुक्रवार को निधन हो गया था।

गायक के पुत्र एस पी चरण ने पुजारियों के मंत्रोच्चारों के बीच अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं, जिसके बाद 24 पुलिस कर्मियों ने उन्हें बंदूकों की सलामी दी और पुलिस बैंड की धुन बजाई गयी। इसके बाद एसपीबी की पार्थिव देह को जरी धोती में लपेटकर दफना दिया गया। उनकी आंखों पर चश्मा था और माथे पर 'थिरुनीरू (भभूत) लगाई गयी थी। इससे पहले बालासुब्रमण्यम की पार्थिव देह को उस पंडाल से लाया गया जहां लोगों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। बड़ी संख्या में जानी मानी हस्तियों समेत आम लोग अपने चहेते प्रसिद्ध गायक को श्रद्धांजलि देने के लिए तमराइपक्कम स्थित उनके फार्म हाउस पहुंचे थे।

कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के मद्देनजर लागू प्रतिबंधों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग तड़के से ही एसपी बालासुब्रमण्यम के फार्म हाउस पहुंचने लगे और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए करीब 5०० पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया। इनमें से कई लोग काफी दूर से आए थे।

इससे पहले तमिलनाडु के संस्कृति मंत्री के पांडियाराजन, आंध्र प्रदेश के सिचाई मंत्री अनिल कुमार यादव, तिरवल्लूर के जिलाधिकारी मागेश्वरी रविकुमार, पुलिस अधीक्षक अरविदन, प्रसिद्ध अभिनेता विजय, फिल्म निर्देशक भारतीराजा, संगीतकार देवी श्री प्रसाद, गायक मानो समेत अनेक जानेमाने लोगों ने एसपीबी के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पुलिस ने शुरू में कहा था कि केवल 15० लोगों को श्रद्धांजलि देने की इजाजत होगी, लेकिन बाद में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष अपने चहेते गायक के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ते रहे। अनेक लोगों को बिना मास्क लगाए भी देखा गया।

74 वर्षीय बालासुब्रमण्यम अपने प्रशंसकों के बीच 'पाडुम निला (गायकी का चंद्रमा) और 'इसई मेगम (संगीत का बादल) के रूप में मशहूर थे। उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि के बाद पांच अगस्त को यहां एमजीएम हेल्थकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती कराये जाते समय उन्हें मामूली लक्षण ही थे लेकिन 13 अगस्त की देर रात को पहली बार उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गयी और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया। महीने के आखिर तक उनकी हालत में सुधार भी दिखाई दिया और उन्होंने फिजियोथैरेपी भी कराई। अस्पताल की ओर से 24 सितंबर को उनकी हालत बेहद गंभीर बताई गयी थी और शुक्रवार को उनका निधन हो गया।(एजेंसी)

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