भगोड़े नीरव मोदी की बढ़ी मुश्किलें, ब्रिटेन में फिर शुरू हो रहा प्रत्यर्पण का मुकदमा

लंदन। भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Fugitive Diamond Merchant Nirav Modi) के भारत प्रत्यर्पण को लेकर दायर मुकदमे की सुनवाई लंदन (London) की अदालत में फिर से शुरू होने वाली है। मार्च 2019 में गिरफ्तारी के बाद से दक्षिण-पश्चिम लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद नीरव मोदी को उसके प्रत्यर्पण परीक्षण के दूसरे चरण के लिए वीडियो-लिंक के माध्यम से अदालत में पेश किया जाएगा। सुनवाई के दूसरे चरण में 49 वर्षीय भगोड़े के खिलाफ एक प्रथम दृष्टया मामला स्थापित करने पर बहस पूरी होने की उम्मीद है। नीरव मोदी के लिए भारतीय अधिकारियों द्वारा प्रत्यर्पण किए जाने का अनुरोध किया गया है, जिसे इस साल की शुरूआत में ब्रिटेन की गृह सचिव प्रीति पटेल द्वारा प्रमाणित किया गया है।

नीरव मोदी को सबूतों को गायब करने और गवाहों को डराने-धमकाने जैसे अतिरिक्त आरोप भी लगाए गए हैं। नीरव मोदी पर सबूतों के गायब करने और गवाहों को धमकी देने का भी आरोप है। अदालत ने तीन नवंबर को अतिरिक्त सुनवाई भी निर्धारित की है। इसके बाद एक दिसंबर को दोनों पक्ष अपनी अंतिम दलीलें देंगे। नीरव मोदी पिछले साल मार्च में अपनी गिरफ्तारी के बाद से दक्षिण-पश्चिम लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। पिछली सुनवाई के दौरान उसे सात सितंबर को मुकदमे की अगली सुनवाई शुरू होने तक हिरासत में रखने के आदेश दिए गए थे। बचाव कर रही टीम ने इंग्लैंड की सबसे भीड़भाड़ वाली जेलों में से एक वैंड्सवर्थ में नीरव मोदी के बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य के बारे में भी चिंता जताई है।

Nirav Modi

उल्लेखनीय है कि नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक को करीब 13 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। फरवरी 2018 में जब पीएनबी घोटाला देश के सामने आया था, तभी नीरव मोदी फरार हो गया। उसके बाद उसे लंदन में गिरफ्तार किया गया। तब से लेकर अब तक उसकी देश में कई करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। नीरव के प्रत्यर्पण के लिए भारत निरंतर प्रयास कर रहा है।

नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ करीब दो अरब डॉलर की कथित धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इसे लेकर भारत में विभिन्न जांच एजेंसियों ने उनके खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। इस मामले में नीरव मोदी का सहयोगी मेहुल चौकसी भी भारत में वांछित है।

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