मुंबई. महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़ा बदलाव हुआ है। देवेंद्र फडणवीस ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। उनके साथ शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता एकनाथ शिंदे और एनसीपी के नेता अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह शपथ ग्रहण समारोह मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल आर. एन. रवि ने इन्हें शपथ दिलाई।
तीसरी बार मुख्यमंत्री बने फडणवीस
देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ बन चुके हैं। उन्होंने पहले 2014 और फिर 2019 में मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं। तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने महाराष्ट्र को विकास और स्थिरता का आश्वासन दिया।
गठबंधन की राजनीति का नया अध्याय
इस बार की सरकार में भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) का गठबंधन है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह सरकार राज्य में स्थिरता बनाए रखने और विकास को गति देने के लिए बनाई गई है।
एकनाथ शिंदे और अजित पवार की भूमिका
एकनाथ शिंदे, जो पहले भी उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं, ने कहा कि उनकी प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों का विकास और किसानों के मुद्दों का समाधान करना है। वहीं, अजित पवार ने आर्थिक सुधारों और युवाओं के लिए रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने की बात कही।
शपथ ग्रहण समारोह में दिग्गज नेताओं की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण शपथ ग्रहण समारोह में PM मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। इसके अलावा, राज्य के वरिष्ठ नेता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी समारोह का हिस्सा बने।
जनता से किए वादे
शपथ ग्रहण के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हम जनता के भरोसे पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। यह सरकार विकास, रोजगार, और किसानों की भलाई के लिए समर्पित रहेगी।”
महाराष्ट्र की राजनीति में इस नई सरकार की शुरुआत ने जनता में उम्मीदों का संचार किया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह गठबंधन राज्य को किस दिशा में ले जाता है।
