मानसून सत्र: 10 बैठकें और 27 विधेयक पारित हुए, यह है सत्र के काम काज का पूरा लेखा जोखा

  • केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने पेश सत्र के काम काज का लेखा जोखा
  • लोकसभा में करीब 167 प्रतिशत और राज्यसभा में करीब 100.47 प्रतिशत कामकाज हुआ

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने मानसून सत्र 2020 को लेकर जारी एक वक्तव्य में बताया कि मानसून सत्र 2020 के दौरान लोकसभा में लगभग 167 प्रतिशत और राज्यसभा में लगभग 100.47 प्रतिशत कामकाज हुआ।

जोशी ने कहा कि 14 सितंबर 2020 को शुरू हुए 2020 संसद का मानसून सत्र का समापन 1 अक्टूबर 2020 को होना था लेकिन लोकसभा और राज्यसभा में आवश्यक कामकाज के बाद कोविड-19 महामारी के जोखिम के कारण सदन की कार्यवाही 23 सितंबर यानि बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थ​गित कर दी गई। इस दौरान 10 दिनों में कुल 10 बैठकें हुईं।

उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान 22 विधेयक (16 लोक सभा में और 06 राज्य सभा में) पेश किए गए। लोक सभा और राज्य सभा दोनों के द्वारा 25-25 विधेयक पारित किए गए। संसद के दोनों सदनों द्वारा 27 विधेयक पारित किए गए जो विधेयकों के पारण की अभी तक की सर्वोत्तम दर अर्थात 2.7 विधेयक प्रतिदिन है। सत्र के दौरान पेश किए गए, विचार और पारित किए गए विधेयकों की सूची अनुबंध के रूप में संलग्न है।

11 अध्यादेशों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अंत:सत्रावधि के दौरान प्रख्यापित किए गए सभी 11 अध्यादेशों को मानसून सत्र 2020 के दौरान संसद के अधिनियमों द्वारा प्रतिस्थापित किया गया। मंत्री ने कहा कि लोक सभा में लंबित चार पुराने विधेयकों को और राज्य सभा में लंबित एक विधेयक को वापस लिया गया।

मंत्री ने कहा कि सत्र के दौरान, वर्ष 2020-21 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों का पहला बैच और वर्ष 2016-17 के लिए अतिरिक्त अनुदान मांगों पर चर्चा की गई और उन पर पूर्ण मतदान हुआ तथा दिनांक 18 सितम्बर 2020 को लोक सभा में संबंधित विनियोग विधेयकों को पेश, विचार और पारित किया गया। राज्य सभा ने इन विधेयकों को दिनांक 23 सितम्बर 2020 को लौटाया।

कोविड-19 महामारी के बीच आयोजित सत्र के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए, मंत्री ने कहा कि संसद के दो सदनों में काम करने वाली सभी एजेंसियों और व्यक्तियों के अथक प्रयासों के कारण इस सत्र में असाधारण कामकाज संभव हो पाया है।

मंत्री ने कहा कि इसलिए अनुच्छेद 85 की संवैधानिक अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए और आवश्यक विधायी और अन्य कार्य का निष्पादन करने के लिए, यह सत्र बैठने और लॉजिस्टिक्स संबंधी असाधारण व्यवस्था करके तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कोविड-19 महामारी के दौरान आयोजित किया गया है।

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