यस बैंक केस में ईडी के आरोपपत्र में देरी, वधावन बंधुओं को जमानत मिली

मुंबई। बॉम्‍बे हाई कोर्ट (Bombay high court) ने गुरुवार को डीएचएफएल प्रमोटर्स कपिल वधावन (Kapil Wadhawan ) और धीरज वधावन (Dheeraj Wadhawan) को यस बैंक धोखाधड़ी मामले (Yes Bank fraud case)  में जमानत दे दी। दरअसल प्रवर्तन निदेशालय (ED) अनिवार्य 60 दिन की समय सीमा के भीरत इस मामले में आरोपपत्र दाखिल करने में विफल रहा। दोनों को ‘डिफॉल्ट’ जमानत देते हुए, न्यायमूर्ति भारती डांगरे ने वधावन बंधुओं को पासपोर्ट सरेंडर करने और जमानत के तौर पर 1 लाख रुपये की राशि जमा करने के आदेश दिए।

Kapil Wadhawan and Dheeraj Wadhawan

वधावन बंधु हालांकि इस जमानत के बाद तत्काल जेल से रिहा होने में सफल नहीं हो पाएंगे, क्योंकि सीबीआई ने भी इसी मामले में उन्हें अलग से आरोपी बनाया हुआ है। दोनों को सीबीआई ने 26 अप्रैल को महाबलेश्वर हिल स्टेशन से हिरासत में लिया था और उसके तीन सप्ताह बाद ईडी ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।

bombay highcourt

न्यायमूर्ति डांगरे ने अतिरिक्त सॉलिस्टिर जनरल अनिल सिंह की दो सप्ताह के लिए जमानत याचिका पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि स्थायी कानूनी स्थिति यह है कि एक बार अगर डिफॉल्ट जमानत का अधिकार मिल जाता है तो, आरोपी को एक दिन भी हिरासत में नहीं रखा जा सकता।

ईडी ने 14 मई को वधावन बंधुओं को धनशोधन के आरोप में गिरफ्तार किया था, लेकिन एजेंसी तय 60 दिनों के अंदर आरोपपत्र दाखिल नहीं कर सकी थी, इसी आधार पर दोनों ने बांबे हाई कोर्ट का रूख किया था और जमानत की मांग की थी।

kapil wadhawan

ईडी ने आरोपपत्र दाखिल करने की अवधि-15 जुलाई के एक दिन बाद आरोपपत्र दाखिल किया। एजेंसी ने वधावन बंधुओं, यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर, उनकी पत्नी बिंदू कपूर और बेटियां रेखा व रोशनी और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। सीबीआई ने 7 मार्च को यस बैंक द्वारा संदेहपूर्ण ऋण दिए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज की थी, जिसके आधार पर ईडी ने अपनी जांच शुरू की थी।

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