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यह नेत्रहीन महिला है सरपंच पद की दावेदार

दृष्टिहीन हूँ सौ प्रतिशत काम करके दिखाऊंगी – सरिता

पिथौरा/रायपुर. महासमुंद जिले की नेत्रहीन महिला सरिता कोंध ने सरपंच पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। सरिता जिले की पहली महिला नेत्रहीन अभ्यार्थी होगी। पिथौरा विकासखंड के अंतर्गत जगदीशपुर ग्राम पंचायत का सरपंच पद हेतु पांच आदिवासी महिलाओं ने नामांकन पत्र दाखिल किया है। महासमुंद जिले के अंतर्गत पिथौरा विकासखंड में त्रिस्तरीय चुनाव पंचायत का नामांकन प्रक्रिया, स्कूटनी के बाद प्रत्याशीयों ने चुनावी प्रचार तेज कर दिया हैं।

उन्होंने कहा कि मैं पहली बार जनप्रतिनिधि के रूप में निर्वाचित होने के लिए ग्राम पंचायत जगदीशपुर के सरपंच पद के लिए नामांकन पत्र भरी हूँ। जगदीशपुर मेरा मायका है और मैं हम इस गांव के विकास के लिए अपना योगदान देना चाहती हूं। मैं दृष्टिहीन लाचार जरूर हूं लेकिन अन्य लोगों की तुलना में मैं बेहतर काम कर सकती हूं उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत जगदीशपुर में आज भी कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और लोगों को सही समय पर सुविधाएं मिले यह मेरी कोशिश होगी। पंचायत का कार्य करने में मुझे किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि मैंने ब्रेल लिपि में बारहवीं उत्तीर्ण की हूँ। दिल्ली की एक संस्था में रहकर अपनी शिक्षा पूरी की है कई दृष्टिबाधित लोग शासन के ऊंचे ओहदे पर काम कर अपनी क्षमता एवं दक्षता का परिचय दिया है। इस बार सरपंच पद आदिवासी महिला के लिए आरक्षित होने के कारण मैंने चुनाव लड़ने की इच्छा से लोगों से आशीर्वाद मांगा है मैं गांव की प्रगति के लिए हर संभव प्रयास करूंगी और शासन की योजनाओं से सभी को लाभान्वित करूंगी उन्होंने आगे कहा कि दिव्यांग जनों के विकास को लेकर मैं ठोस पहल करूंगी और उनके  पेंशन से संबंधित समस्याओं को शासन स्तर तक पहुंचाने का प्रयास करूंगी। सरिता कोंध सरपंच पद हेतु नामांकन दाखिल कर सबको विस्मित कर दिया है  अगर वह सरपंच पद पर निर्वाचित होती है तो जिले ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश में पहली  दृष्टिहीन महिला सरपंच होने का गौरव हासिल करेगी जिसका फैसला जगदीशपुर के मतदाताओं को करना है ।

बुलंद हौसले वाली दृष्टिहीन

हौसले से भरपूर सरिता ने कहा कि मैं दुनिया को देख नहीं सकती लेकिन 100 प्रतिशत काम करके नेत्र वालों को दिखा सकती हूं।नामांकन पत्र के साथ बाकायदा दृष्टिहीन प्रमाण पत्र जमा किया गया है।

पीठासीन अधिकारी ने चुनाव आयोग से मांगा मार्गदर्शन

नामांकन जांच परीक्षण के दौरान जब अभ्यर्थी के दृष्टिहीन होने की बात साबित हुई तब उपस्थित अधिकारी के बीच असमंजस एवं पेशो-पेश की स्थिति आन पड़ी। रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा सरिता के फॉर्म को स्वीकार करने के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी से दिशा-निर्देश मांगा गया मौखिक तौर पर स्वीकृति मिलने पर उसके नाम निर्देशन पत्र जमा किया गया।     

सरपंच पद के कुल 5 नाम निर्देशन पत्र जमा हुए                         

नेत्र बाधित सरिता के अलावा नाम निर्देशन पत्र जमा करने वालों में चार अन्य सरपंच पद हेतु नाम निर्देशन पत्र जमा किए हैं जिनमें जोसेफिन सोना/विकास सोना, संतोषी सिंह/ विकास सिंह दीपिका मिंज/ लोरिस कुमार, अर्चना टोप्पो /अजय कुलदीप शामिल है।

यूं तो हर निर्वाचन के समय अभ्यर्थियों द्वारा नाम निर्देशन पत्र जमा किए जाते हैं।लाख सावधानी बरतने के बावजूद कहीं न कहीं त्रुटि रह जाती है और नामांकन पत्र स्कूटनी के दौरान अमान्य कर दिए जाते हैं ।ऐसा  इस बार भी स्कूटनी के दौरान सरपंच एवं पंच पद के आवेदन निरस्त किए जा चुके हैं वहीं दृष्टिबाधित सरिता का नामांकन रिटर्निंग आफिसर ने विधि मान्य किया है।

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