रेत खुदाई के दौरान मिला नरकंकाल

पहले भी इस तरह के कंकाल निकल चुके

गरियाबंद. गरियाबंद के फिंगेश्वर में सूखा नदी से रेत की अवैध खुदाई के दौरान  नरकंकाल  (Narkankaal) मिलने से हडकंप मच गया। जांच के दौरान पता चला है, कि ये नरकंकाल वे है, जो वर्षों पहले अंतिम संस्कार के तहत दफनाए गए थे।

अंतिम संस्कार के बाद दफनाए गए शवों को कंकाल बरामद होने पर ग्रामीणों ने अवैध खुदाई पर नाराजगी जताई हे। ग्रामीणों का कहना है, कि सूखा नदी से रेत और नदी किनारे से मिट्टी का अवैध उत्खनन धडल्ले से चल रहा है। रेत माफिया इस कदर हावी है, कि वे खुदाई में नरकंकाल (Narkankaal) निकालने से ´भी बाज नहीं आ रहे है।

सतनामी समाज के गरियाबंद जिला अध्यक्ष दूजलाल बंजारे, फिंगेश्वर सतनामी समाज के अध्यक्ष राजश्री टंडन सहित आशाराम धृतलहरे ने बताया कि यह स्थल उनके समाज का मुक्तिधाम है। लेकिन यहां से ट्रैक्टर चालक रेत व मिट्टी निकाल रहे ह। जिससे अंतिम संस्कार कर दफनाए हमारे पूर्वजों के कंकाल बाहर निकल रहे हैं। जिसको लेकर समाज के लोग अवैध खनन करने वालों पर आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते यहां अवैध रेत व मिट्टी खनन को बंद करवाने की मांग कर रहे हैं। फिंगेश्वर के सूखा नदी में सुबह पांच से शाम छह बजे तक रेत निकालने कई ट्रैक्टर लग जाते हैं और नदी से रेत और नदी के किनारे से मिट्टी निकालते हैं। अब तो मुक्तिधाम के स्थान को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। नतीजा रेत व मिट्टी के साथ अब मानव कंकाल भी बाहर निकल रहे हैं।

और भी निकल चुके हैं कंकाल

यह पहला मामला नहीं है जहां मानव कंकाल (Narkankaal) निकला है। इससे पहले भी इस तरह के कंकाल निकल चुके हैं। बावजूद रेत व मिट्टी उत्खनन कर परिवहन करने वाले लोग बाज नहीं आ रहे हैं। वहीं प्रशासन भी इन पर अंकुश लगाने में नाकाम है। मामले को लेकर अब सतनामी समाज के लोग काफी आक्रोशित हैं और रेत व मिट्टी परिवहन करने वालो पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

देश-प्रदेश की खबरों के लिए यहां क्लिक करें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

522 Origin Connection Time-out

522 Origin Connection Time-out


cloudflare-nginx