रोका गया बाल विवाह, समझाइश देकर वापस लौटाई बारात

छुरा पुलिस, चाइल्ड लाइन और बाल संरक्षण ईकाई की संयुक्त रेस्क्यु टीम की पहल

गरियाबंद। रविवार को छुरा पुलिस, चाइल्ड लाइन 1098 और जिला बाल संरक्षण ईकाई की संयुक्त टीम ने छुरा ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरहट्टा के देवगांव में बाल विवाक हो रोकने में सफलता हासिल की है।

जानकारी के मुताबिक ग्राम देवगांव की नाबालिंग का विवाह धमतरी जिले के मगरलोड थाना अंतर्गत ग्राम के युवक के साथ तय था। इस दौरान शादी को लेकर तमाम तैयारिया पूरी हो चुकी थी, रविवार दोपहर बारात पक्ष भी गांव पहुच चुकी थी। परंतु शादी का कार्यक्रम विधिवत शुरू होता इसके पहले ही मुखबिर की सुचना पर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुॅच गई।

थाना प्रभारी राजेश जगत और चाइल्ड लाइन के 1098 के काउंसलर तुलेश्वर साहू और जिला बाल संरक्षण ईकाई के फनिंद्रा जयसवाल व बलीराम ने दोनो पक्षो को समझाइश देते हुए बाल विवाह रूकवाया और बाराती पक्ष को वापस धमतरी रवाना किया। इसके पहले उन्होने दोनो पक्षो को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार का कृत्य कानून अपराध है। 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही युवती तथा 21 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही युवक का विवाह किया जा सकता है।

उन्होने बताया कि बाल विवाह में शामिल घराती बराती, बाजा वाला, टेंट वाला, माइक वाला, रसोईया, सगा समाज आदि अपराधी की श्रेणी में आते हैं इस अपराध के लिए एक लाख रुपए का जुर्माना एवं 2 साल का कारावास या दोनों हो सकता है।

चाइल्ड लाइन 1098 के काउसलर तुलेश्वर साहू ने बताया कि बालिका की उम्र 17 वर्ष एक माह पाया गया है। पंचायत प्रतिनिधियो और ग्रामीणो की उपस्थिति में पंचनामा बनाकर बाल विवाह रोका गया। ग्रामीणो को समझाइश दी कि बाल विवाह का आयोजन ना करे, ऐसी सुचना पर तत्काल पुलिस व चाइल्ड लाइन को 1098 नंबर पर सुचित करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *