सेंट्रल जेल में वीवीआईपी सुविधाओं का मामला: दो अधिकारी बर्खास्त

Bengaluru Central Jail, Parappana Agrahara, VIP facilities, jail superintendent dismissed, Karnataka Home Minister, Siddaramaiah, BJP protest, IS terrorist, Umesh Reddy, Tarun Raj, NIA probe, political controversy, jail management, video viral, Congress government,

बेंगलुरु। परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में कैदियों को वीवीआईपी सुविधाएं दिए जाने का वीडियो सामने आने के बाद राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। जेल अधीक्षक मागेरी और एएसपी अशोक भजंत्री को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही जेल के मुख्य अधीक्षक के. सुरेश का तबादला कर दिया गया है। अब पहली बार एक आईपीएस अधिकारी जेल का कार्यभार संभालेंगे।

कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बताया कि भले ही यह वीडियो पुराना हो, लेकिन इससे जेल प्रबंधन की खामियां उजागर हुई हैं। उन्होंने कहा कि पूरे जेल प्रशासन की जांच के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित की गई है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

वायरल वीडियो में कैदियों को मोबाइल फोन, टीवी और अन्य सुविधाओं का उपयोग करते हुए देखा गया। इसमें आईएस आतंकी जुहाद हमीद शकील मन्ना, सीरियल किलर उमेश रेड्डी और सोने की तस्करी के आरोपी तरुण राज भी नजर आए।

मामले पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सिद्दरमैया और गृह मंत्री परमेश्वर से इस्तीफा मांगा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि यह जेल अधिकारियों और अपराधियों की साठगांठ का परिणाम है। उन्होंने एनआईए जांच की मांग की है।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “कर्नाटक में आतंकियों को बिरयानी और मोबाइल मुहैया कराई जा रही है, जबकि सरकार आंखें मूंदे बैठी है।”