स्कूल प्रबंधकों ने मान्यता रद्द को बताया गलत, डीईओ बोले-मनमानी

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिम्मेदार बोले-कार्रवाई एकतरफा, पूर्व सूचना नहीं

रायपुर। फीस विनयमन अधिनियम-2020 का उल्लंघन करने वाले जिले के 240 स्कूलों की मान्यता (MANYATA) सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी जीआर चंद्राकर (डीईओ) ने रद्द कर दी।

डीईओ की इस कार्रवाई पर मंगलवार को जिले के स्कूल संचालकों ने छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन के नेतृत्व में डीईओ कार्यालय का घेराव किया और ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई को गलत ठहराया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता का कहना था कि विभागीय अधिकारी पैनिक क्रियेट कर रहे हैं।

मंगलवार को उन्होंने ज्ञापन देकर त्रुटियों को दूर करने की मांग की है। समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो स्कूल शिक्षा मंत्री और सीएम से एकतरफा कार्रवाई की शिकायत की जाएगी। छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन और निजी स्कूलों के संचालकों की मांग पर डीईओ ने तीन दिन का समय स्कूल संचालको को दिया है। इस दरमियान जिन स्कूलों की फीस समिति की जानकारी आ जाएगी, उन स्कूलों पर मान्यता (MANYATA) निरस्त होने की गाज नहीं गिरेगी।

डर का माहौल बना रहा स्कूल शिक्षा विभाग

मंगलवार को डीईओ कार्यालय पहुंचे स्कूल प्रबंधकों के जिम्मेदारों ने पत्रिका से चर्चा के दौरान कहा कि विभागीय अधिकारी एकतरफा कार्रवाई करके डर का माहौल बना रहा है। फीस समिति के संबंध में पूर्व में विभागीय अधिकारियों ने कोई पत्राचार नहीं किया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने गलत डाटा फीड किया और एकतरफा कार्रवाई कर दी है। एकतरफा कार्रवाई का जिले के स्कूल संचालकों ने विरोध किया है। मंगलवार को डीईओ कार्यालय पहुंचे,१०० से ज्यादा संचालकों ने पूर्व में फीस समिति की जानकारी देने की बात कही है। संचालकों की इस बात पर जानकारी समय पर नहीं पहुंचाने वाले नोडलों को नोटिस डीईओ ने जारी किया है।

संचालकों की मनमानी नहीं चलने दूंगा

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के निजी स्कूल मनमानी कर रहे है। 4 माह पूर्व फीस विनयमन अधिनियम-2020 का निर्देश जारी किया गया था। निर्देश जारी होने के बाद स्कूल प्रबंधकों ने फीस समिति का गठन नहीं किया और मनमाना शुल्क पालकों से वसूला। संचालक का निर्देश जारी होने के बाद भी प्रबंधक अपनी मनमानी करते रहे। नोडलों की फटकार के बाद भी इन स्कूलों ने जानकारी नहीं दी। सोमवार की रात जिन स्कूलों पर कार्रवाई की गई है, वो नियमानुसार है। जिन स्कूलों ने जानकारी भेजी होगी और नोडलों ने जानकारी आगे नहीं बढ़ाई होगी, उन स्कूलों को मान्यता (MANYATA) रद्द की प्रक्रिया से छूट दी जाएगी।

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