आदिवासी मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र में दुलर्भ पहाड़ी कोरवा को कांवर में इलाज के लिए ले जाने पर मजबूर ग्रामीण

यह सिर्फ मरीज की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की बीमारी का संकेत हैः रुसेन कुमार

रायगढ़/रायपुर: रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत ने ट्रिपल इंजन सरकार (केंद्र, राज्य और स्थानीय प्रशासन) के दावों की पोल खोल दी है। भाजपा शासित छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़ जिले की प्रशासनिक लापरवाही और जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था का एक और चौंकाने वाला उदाहरण सामने आया है। आदिवासी बाहुल्य धरमजयढ़ क्षेत्र के किंधा पंचायत के छुही पहाड़ गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण ग्रामीणों को एक बीमार पहाड़ी कोरवा, चहरे राम कोरवा, को कांवर में उठाकर इलाज के लिए ले जाना पड़ा। आम आदमी पार्टी के नेता रुसेन कुमार ने कहा कि एक मीडिया चैनल द्वारा प्रसारित यह वीडियो भाजपा सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन की विफलताओं को उजागर करने के लिए काफी है, जो आदिवासियों द्वारा बार-बार की गई अपीलों के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के नेता रुसेन कुमार ने छत्तीसगढ़ में पहाड़ी कोरवा जनजाति की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह समुदाय दुर्लभ और अत्यंत संवेदनशील श्रेणी में आता है, जिसकी आबादी लगातार घट रही है।

छत्तीसगढ़वासियों के लिए एक चिंताजनक और शर्मनाक क्षण

यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भी छत्तीसगढ़ में आदिवासी पहाड़ी कोरवाओं की स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई ठोस सुधार नहीं किया जा सका है। यह न केवल प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है, बल्कि यह पूरे छत्तीसगढ़वासियों के लिए एक चिंताजनक और शर्मनाक क्षण है कि हमारे अपने राज्य में आदिवासी समुदाय आज भी बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं से वंचित हैं।

अगर आज भी इनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो यह छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों का सामूहिक अपमान होगा और छत्तीसगढ़िया लोगों में सरकार के प्रति अविश्वास और रोष बढ़ सकता है।

प्रशासनिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठाः रुसेन कुमार

आम आदमी पार्टी के नेता रुसेन कुमार ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘प्रशासनिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा’ करार दिया। उन्होंने कहा, “आज भी प्रदेश में आदिवासी समुदाय मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। रायगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासन की असफलता आज किसी से छिपी नहीं है। सरकार और अधिकारियों को यह सोचना होगा कि आखिर कब तक गरीबों और आदिवासियों को इस तरह अपमानजनक हालात का सामना करना पड़ेगा?”

ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री, वर्तमान मुख्यमंत्री, कलेक्टर, और सांसद तक आवेदन दे चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस भयावह स्थिति में भी प्रशासन की बेरुखी स्पष्ट रूप से दिखती है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनावी समय में सत्ता पक्ष के नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन उसके बाद जनता की परेशानियों की ओर कोई ध्यान नहीं देता।

यह घटना एक ऐसा जीवंत प्रमाण है जिसमें बार-बार की गई अपीलों के बावजूद सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई सुधार नहीं किया गया, जिससे आदिवासी समुदायों को आज भी मूलभूत सेवाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।

यह घटना सरकार के उन खोखले वादों को उजागर करती है, जिनमें जनता के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा किया जाता है, जबकि वास्तविकता इससे कोसों दूर है। यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह असंवेदनशीलता न केवल सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाएगी, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों की जिंदगियों को भी खतरे में डालती रहेगी।

रायगढ़ की दुर्दशा का आईना: सरकार एवं प्रशासन की उपेक्षा

यह कोई पहली बार नहीं है जब रायगढ़ में ऐसी अमानवीय स्थिति देखी गई हो। सड़क न होने की वजह से ग्रामीणों को बीमार मरीजों को कांवर में ढोकर अस्पताल तक पहुंचाना पड़ता है। यह घटना सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या यही है ‘विकसित भारत’ की सच्चाई? क्या यही है छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास?

जिला प्रशासन का कुप्रबंधन उजागर

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक हर संभव दरवाजा खटखटाया, लेकिन अब तक उनकी सुनवाई नहीं हुई। वे कहते हैं, “जब चुनाव आते हैं, तब नेता हाथ जोड़कर वोट मांगने आते हैं, लेकिन चुनाव के बाद यह क्षेत्र उनके लिए अछूत बन जाता है।”

आम आदमी पार्टी की मांग

आम आदमी पार्टी द्वारा रायगढ़ प्रशासन और छत्तीसगढ़ सरकार से निम्नलिखित मांग की गई है:

  1. तुरंत प्रभाव से छुही पहाड़ गांव में पक्की सड़क का निर्माण किया जाए।
  2. क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एम्बुलेंस सेवा को तत्काल बहाल किया जाए।
  3. प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, जिन्होंने ग्रामीणों की लगातार की जा रही शिकायतों को अनसुना किया।
  4. रायगढ़ जिले के आदिवासी बहुल इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का ऑडिट करवाया जाए और उचित सुधार किए जाएं।

आम आदमी पार्टी के नेता रुसेन कुमार ने कहा, “यह सिर्फ एक मरीज की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की बीमारी का संकेत है। अगर आज हम चुप रहे, तो कल और भी कई जिंदगियाँ इसी लापरवाही की भेंट चढ़ेंगी। छत्तीसगढ़ की जनता यह अन्याय अब और सहन नहीं करेगी!”
आम आदमी पार्टी ने घटना की जाँच की मांग की है और उचित चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध नहीं कराने वालों अधिकारियों पर कार्यवाही की माँग की है। आम आदमी पार्टी क्षेत्र का दौरा करके पीड़ितों से मुलाकात करके रिपोर्ट तैयार करने की भी बात कही है।