उरी पावर प्लांट पर PAK का ड्रोन अटैक नाकाम: ऑपरेशन सिंदूर में CISF

Operation Sindoor, Uri Hydropower Plant, Pakistan Drone Attack, CISF Personnel, LOC, Ravi Yadav, UHEP-1, UHEP-2, Indian Army, Jammu and Kashmir, Drone Interception, Civilian Safety, Border Security,

दिल्ली। मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के कई महीने बाद भी उसके दौरान हुई घटनाओं के नए खुलासे सामने आ रहे हैं। यह ऑपरेशन फिलहाल रोका गया है, लेकिन उस वक्त भारतीय सेना की निर्णायक कार्रवाई से पाकिस्तान बुरी तरह बौखला गया था। इसी बौखलाहट में पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया और उरी हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट पर ड्रोन हमला किया।

यह पावर प्लांट एलओसी से कुछ ही दूरी पर स्थित है। हमले के दौरान तैनात CISF यूनिट ने अदम्य साहस दिखाते हुए पाकिस्तान के ड्रोन को हवा में ही मार गिराया और प्लांट को सुरक्षित रखा। किसी तरह की क्षति नहीं होने दी गई। हमले को नाकाम करने के साथ ही जवानों ने आसपास मौजूद नागरिकों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

बहादुरी की इस कार्रवाई के लिए CISF के 19 जवानों को नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में डायरेक्टर जनरल द्वारा सम्मानित किया गया है। यह वही जवान हैं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की रात उरी हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट (UHEP-1 और 2) पर हुए ड्रोन अटैक को विफल किया था।

CISF के मुताबिक, 6 मई 2025 की रात भारतीय सेना ने LOC के पास छिपे आतंकियों पर बड़ा ऑपरेशन चलाया था। इसके जवाब में पाकिस्तान ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। गोलाबारी के बीच उनके ड्रोन सीधे उरी पावर प्रोजेक्ट की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन कमांडर रवि यादव के नेतृत्व में CISF ने एक के बाद एक कई ड्रोन मार गिराए।

ऊंचाई और सीमावर्ती इलाके की चुनौती के बावजूद जवानों ने न केवल प्रोजेक्ट की सुरक्षा की, बल्कि हजारों लोगों की जान पर मंडरा रहे खतरे को भी खत्म कर दिया। CISF का कहना है कि उस रात मजबूत खुफिया तंत्र और मुस्तैदी के कारण एक भी ड्रोन लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाया और उरी हाइड्रोपावर प्लांट को खरोंच तक नहीं आई।