एयरपोर्ट के विकास में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, सीजे बोले

Four accused in Bharat Mala Project scam get bail from High Court

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के चकरभाठा स्थित बिलासा देवी एयरपोर्ट के विकास में हो रही देरी को लेकर शुक्रवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने राज्य और केंद्र सरकार के ढीले रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर सरकार को कुछ करना ही नहीं है, तो स्टेटमेंट दे दीजिए, हम जनहित याचिका खत्म कर देते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “कभी तो जागेगा बिलासपुर का भाग्य।”

कोर्ट ने पूछा कि जब राज्य और केंद्र दोनों जगह एक ही पार्टी की सरकार है, तो प्रगति क्यों नहीं हो रही? उन्होंने अफसरों की बॉडी लैंग्वेज पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा लगता ही नहीं कि वे कुछ करना चाहते हैं। कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव और रक्षा मंत्रालय के सचिव से अगली सुनवाई में शपथ पत्र के साथ प्रगति रिपोर्ट मांगी है।

चार साल पहले शुरू हुए एयरपोर्ट को 3सी से 4सी कैटेगरी में अपग्रेड करने, नाइट लैंडिंग और महानगरों से सीधी उड़ान की मांग को लेकर दो जनहित याचिकाएं दाखिल हुई थीं। सीनियर एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव और संदीप दुबे ने मौजूदा स्थिति कोर्ट को बताई। तस्वीरों में काम की जगह सिर्फ गाड़ी और कुछ लोग दिखे, जिससे कोर्ट और नाराज हो गया। रक्षा मंत्रालय ने पहले ही 286 एकड़ जमीन पर कार्य की मंजूरी दी थी, लेकिन अब जमीन हस्तांतरण और कीमत को लेकर राज्य और केंद्र सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है।