रायपुर।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित स्वसहायता समूह केंद्र का खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा शैक्षणिक भ्रमण किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण उद्यमिता, लघु उद्योगों की कार्यप्रणाली तथा महिला सशक्तिकरण की जमीनी हकीकत से अवगत कराना था।विद्यार्थियों ने भ्रमण के दौरान स्व-सहायता समूह (Self Help Group – SHG) की महिलाओं से बातचीत की और उनकी कार्यशैली को का अध्ययन किया। यह समूह ‘बिहान’ मिशन के अंतर्गत संगठित होकर विभिन्न उद्यमों का संचालन कर रहा है।इस दौरान विद्यार्थियों ने मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट, बेकरी यूनिट तथा चिप्स निर्माण इकाई (Chips Manufacturing Unit) का भी अवलोकन किया। इन इकाइयों की संचालन प्रणाली भी सीखा।मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट में विद्यार्थियों ने कोदो, कुटकी जैसे मोटे अनाजों की सफाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग तथा मूल्य संवर्धन (Value Addition) की प्रक्रिया को देखा। वहीं बेकरी यूनिट में केक, कुकीज़ तथा ब्रेड आदि के निर्माण की जानकारी प्राप्त की। चिप्स निर्माण इकाई में कच्चे माल की तैयारी से लेकर पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ एस एस सेंगर ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है और वे ग्रामीण स्तर पर उद्यमिता की संभावनाओं को भी पहचान पाते हैं। साथ ही, यह भ्रमण महिला सशक्तिकरण, खाद्य प्रसंस्करण तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को समझने की दिशा में भी एक प्रभावी कदम है।
