ओबीसी वोटर की भूमिका महत्वपूर्ण
रायपुर: रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के लिए कल, 13 नवंबर को मतदान होगा। इस चुनाव में 2 लाख 71 हजार से ज्यादा मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। इस मतदान के लिए निर्वाचन आयोग ने विधानसभा क्षेत्र में 253 मतदान केंद्र बनाए हैं, साथ ही 13 सहायक मतदान केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।
महिला मतदाता अधिक: रायपुर दक्षिण विधानसभा में कुल 2 लाख 70 हजार 936 मतदाता हैं। इसमें 1 लाख 33 हजार 713 पुरुष मतदाता हैं, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 1 लाख 37 हजार 171 है, जो पुरुषों से अधिक है। इसके अलावा, निर्वाचन आयोग ने मतदान को सुगम बनाने के लिए 10 संगवारी, 5 आदर्श और 1 दिव्यांग केंद्र बनाए हैं।
ओबीसी वोटरों की अहम भूमिका: इस उपचुनाव में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका ओबीसी वोटरों की होगी, जिनकी संख्या 53 प्रतिशत है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओबीसी वोटरों की पसंद ही यह तय करेगी कि किस प्रत्याशी की जीत होगी। रायपुर दक्षिण में 16 प्रतिशत साहू, 6-6 प्रतिशत यादव और कुर्मी वोटर हैं। वहीं, 10 प्रतिशत एससी, 4 प्रतिशत एसटी और 16 प्रतिशत सामान्य वर्ग के मतदाता हैं।
मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच: रायपुर दक्षिण सीट पर हमेशा बीजेपी का दबदबा रहा है। इस सीट पर 30 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है। दोनों दलों ने प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंकी है। बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने अपने प्रत्याशी सुनील सोनी के लिए प्रचार किया, तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल और दीपक बैज ने भी अपनी ताकत दिखाई।
नतीजे 23 नवंबर को आएंगे: मतदान के बाद, 23 नवंबर को उपचुनाव के परिणाम घोषित किए जाएंगे, जब यह साफ होगा कि रायपुर दक्षिण की सियासी कुर्सी पर कौन बैठता है।
आखिरी दिन प्रचार में जोर: 11 नवंबर को प्रचार थमने से पहले, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कांग्रेस नेताओं ने रोड शो और जनसभाओं के जरिए वोटरों से अपील की। इन दिग्गज नेताओं की पूरी कोशिश रही कि मतदान से पहले मतदाताओं को अपने पक्ष में कर लें।
अब, 13 नवंबर को होने वाले मतदान में रायपुर दक्षिण के 2.71 लाख मतदाता यह तय करेंगे कि इस सीट पर किस पार्टी की जीत होगी।
