
लखनऊ। सोमवार विकास नगर इलाके के पीएनबी बैंक के मैनेजर की सूझ-बूझ से महिला ठगी का शिकार होने से बच गई। महिला के परिवार को मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त बताकर डिजिटल अरेस्ट कर जमकर धमकाया गया। डरी हुई महिला लगभग डेढ़ करोड़ की 14 एफडी लेकर बैंक पहुंच गई। महिला यह एफडी तुड़वाकर आरोपी द्वारा दिए गए बैंक खाते में ट्रांसफर करने जा रही थी। बैंक मैनेजर ने पुलिस को सूचना दी। यही नहीं बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुजुर्ग महिला के अन्य खातों को भी जाकर फ्रीज कराया। जिससे कोई भी राशि निकाली न जा सके।
जानकारी के मुताबिक़ विकास नगर इलाके के सेक्टर तीन में उषा शुक्ला (65) रहती हैं। उनके पति पीडब्ल्यूडी में बड़े पद पर थे,उनका देहांत हो चुका है। महिला अकेले ही रहती हैं। महिला का बेटा बाहर निजी बैंक में सीए का काम करता है। सोमवार महिला के साथ ठगी का प्रयास हुआ। उसे एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले का कहना था कि आप का परिवार मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त है। इसके लिए सभी को गिरफ्तार किया जा सकता है। एवं इसके साथ ही घंटो पूछताछ भी की जाएगी। महिला मामले को लेकर डर गई। फोन करने वाले आरोपी ने महिला को एक खाता दिया और लगभग दो करोड़ की मांग की गई।
आरोपी का कहना था पैसा भेजने के बाद मामला रफा-दफा कर दिया जायेगा। महिला इस कॉल के बाद घबरा गई।महिला द्वारा बैंक जाकर पैसा भेजने की बात कही गई। जिसके बाद महिला लगभग डेढ़ करोड़ की राशि की 14 एफडी लेकर पीएनबी की विकास नगर शाखा पहुंची। पैसा निकालने के लिए वह बैंक के काउंटर पर पहुंची। डिप्टी मैनेजर इंद्राणी द्वारा इतनी बड़ी राशि को अचानक ट्रांसफर करने का कारण पूछा गया,लेकिन घबराई महिला ने कुछ जानकारी नहीं दी। बैंक कर्मी ने इसकी जानकारी बाइक के मैनेजर सवर्ण राठौर को दी। बैंक मैनेजर और डिप्टी मैनेजर ने इस मामले को लेकर बैंक के अन्य कर्मियों सचिन और अंकिता से वार्ता की। महिला कुछ भी बताने को तैयार नहीं थी। सभी ने मिलकर उनके साथ
मैनेजर ने महिला के पीछे भेजा चपरासी
पीएनबी मामा चौराहा मैनेजर सवर्ण राठौर ने तरुणमित्र संवाददाता से बताया कि हमारे बैंक में तैनात इंद्राणी ने मामले की जानकारी दी। जिसके बाद मैंने बुजुर्ग महिला को कैबिन में बुलाया। वह काफी डरी हुई थी। कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं थी। उनके द्वारा एक खाता संख्या दिया गया था। मुझे संदेह हो रहा था इसलिए मैंने जानबूझकर खाता संख्या को गलत बताया। मैंने कहा कि आप जिन्हे पैसे भेजना है उनसे सही खाता संख्या मांगिये। महिला फोन करने की बात कहते हुए कैबिन से चली गई। बैंक मैनेजर ने तेजी दिखाते हुए चपरासी को पीछे भेजा और निर्देश दिए की देखिये माता जी क्या बात कर रही हैं। इस घटना के बाद पूरा मामला खुल गया। बैंक मैनेजर ने काफी देर महिला की काउंसलिंग की। जिसके बाद महिला ने पूरी बात बताई।
