फिल्म अभिनेता-निर्देशक मनोज कुमार का 87 वर्ष की आयु में निधन

Film actor-director Manoj Kumar dies at the age of 87

मुंबई। फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार का शुक्रवार सुबह 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में इलाज के दौरान थे। मनोज कुमार अपनी देशभक्ति फिल्मों के लिए प्रसिद्ध थे और उन्हें ‘भारत कुमार’ के नाम से भी जाना जाता है। उनकी सबसे प्रसिद्ध फिल्में ‘उपकार’, ‘पूरब-पश्चिम’, ‘क्रांति’ और ‘रोटी कपड़ा और मकान’ थीं।

मनोज कुमार के बेटे कुणाल गोस्वामी ने बताया कि लंबे समय से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था। हालांकि, वे शांति से इस दुनिया को अलविदा ले गए। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा। मनोज कुमार लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, और 21 फरवरी 2025 को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे 1960 के दशक से लेकर 80 के दशक तक भारतीय सिनेमा के महत्वपूर्ण हिस्से रहे।

मनोज कुमार को 7 बार फिल्म फेयर पुरस्कार मिल चुका था, जिनमें से पहला फिल्म फेयर पुरस्कार उन्होंने 1968 में फिल्म ‘उपकार’ के लिए जीता था। इसके अलावा उन्हें 1992 में पद्मश्री और 2016 में दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनोज कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “वह भारतीय सिनेमा के प्रतीक थे और विशेष रूप से उनकी देशभक्ति की भावना के लिए याद किए जाएंगे। उनके कार्यों ने राष्ट्रीय गौरव की भावना को प्रज्वलित किया और यह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।”

एबटाबाद पाकिस्तान में हुआ था जन्म

मनोज कुमार का जन्म 24 जुलाई 1937 को एबटाबाद (अब पाकिस्तान) में हुआ था। उनका असली नाम हरिकृष्ण गोस्वामी था। उन्होंने दिलीप कुमार के प्रति अपनी जबरदस्त श्रद्धा के कारण अपना नाम ‘मनोज कुमार’ रखा। वे फिल्मों में अपनी पहचान बनाने से पहले एक स्टूडियो में काम करते थे, जहां एक डायरेक्टर ने उन्हें कैमरे के सामने खड़ा कर दिया और इसी मौके से उन्हें फिल्मों में काम मिला। मनोज कुमार ने फिल्म ‘उपकार’ को 1967 में निर्देशित किया था, जो उनकी सबसे बड़ी हिट साबित हुई और इस फिल्म के बाद उन्हें ‘भारत कुमार’ के नाम से पुकारा जाने लगा। उनकी फिल्मों में देशभक्ति और सामाजिक संदेशों को प्रमुखता से दिखाया गया। फिल्म ‘उपकार’ का गाना “मेरे देश की धरती सोना उगले” आज भी सबसे प्रसिद्ध देशभक्ति गीतों में गिना जाता है। मनोज कुमार का योगदान भारतीय सिनेमा में हमेशा याद किया जाएगा।