चित्रकोट/रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की पहली बैठक में बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया गया। इस कॉरिडोर के तहत क्षेत्र के चिन्हित पर्यटन स्थलों को विकसित करने की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में एनएमडीसी द्वारा बस्तर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण पर भी चर्चा हुई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सौर समाधान और मनो बस्तर ऐप लॉन्च करने के साथ सौर ऊर्जा चलित पावर बैंक का शुभारंभ किया।
धूड़मारास गांव को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री ने कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित धूड़मारास गांव के संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव उन्नयन कार्यक्रम में चयनित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। यह गांव भारत के उन 20 गांवों में शामिल है, जिन्हें 60 देशों में से चुना गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बस्तर को एक नई पहचान देगी।
जनजातीय विकास पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनजातीय विकास प्राधिकरण के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि सीएसआर मद के जरिए पर्याप्त राशि इन क्षेत्रों के विकास के लिए उपलब्ध है।
माओवाद के खिलाफ सख्त कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्च 2026 तक माओवादी आतंकवाद खत्म करने के लक्ष्य के तहत बेहतर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि माओवादी अब छोटे क्षेत्रों तक सिमट गए हैं। बस्तर में शांति बहाली और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार सतत प्रयास कर रही है।
आधारभूत ढांचे का विकास
मुख्यमंत्री ने नियद नेल्ला नार योजना के तहत सड़कों, पुल-पुलिया, स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी और बिजली जैसी सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंचाने का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 34 नए सुरक्षा कैंप खोले गए हैं, जो ग्रामीणों को सुरक्षा और सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।
केशकाल घाट और अन्य विकास कार्यों पर जोर
मुख्यमंत्री ने केशकाल घाट सुधार कार्य को जल्द पूरा करने और प्राधिकरण से स्वीकृत सभी कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने दंतेवाड़ा के नेरली और धुरली गांवों में लाल पानी की समस्या के समाधान के लिए एनएमडीसी को ठोस कदम उठाने को कहा।
विभिन्न सुझावों पर चर्चा
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के विकास पर जोर दिया। वन मंत्री केदार कश्यप ने मत्स्यपालन, डेयरी उद्यमिता, और सामूहिक खेती को बढ़ावा देने के सुझाव दिए। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने होटल मैनेजमेंट संस्थान, नर्सिंग कॉलेज, और ऑर्गेनिक फार्मिंग शुरू करने का सुझाव दिया।
विधायक किरणदेव सिंह ने शोधार्थी छात्रों के लिए सेंट्रल इंस्ट्रुमेंटल लैबोरेटरी की स्थापना का प्रस्ताव रखा, जबकि प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लता उसेंडी ने पर्यटन और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
आकांक्षी जिलों में रिक्त पदों की भर्ती
मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने बताया कि आकांक्षी जिलों में रिक्त पदों की भर्ती के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही, बस्तर क्षेत्र के 95 गांवों में आधारभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए सर्वे किया जा रहा है।
बैठक में शामिल महत्वपूर्ण हस्तियां
बैठक में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक और अधिकारी उपस्थित थे।
