बिहार के बाद अब देशभर में SIR करवाएगा चुनाव आयोग

After Bihar, the Election Commission will now conduct SIR across the country; in the first phase, voter list verification will be carried out in 5 states.

दिल्ली। बिहार के बाद अब चुनाव आयोग (EC) देशभर में चरणबद्ध तरीके से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन करवाने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले चरण में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी जैसे राज्यों में SIR शुरू होगा, जहां अगले साल 2026 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।

SIR के तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची की जांच करता है, ताकि फर्जी, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें और लिस्ट को अपडेट किया जा सके। बिहार में हाल ही में किए गए SIR में एक महीने के भीतर करीब 3 करोड़ मतदाताओं का वेरिफिकेशन पूरा हुआ था।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने 6 अक्टूबर को बताया था कि सभी राज्यों में SIR शुरू करने की तैयारी चल रही है और जल्द ही सभी राज्यों के लिए तारीखें तय की जाएंगी। चुनाव आयोग ने इसके लिए दो तरीके तय किए हैं— पहला, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाता जानकारी का फॉर्म भरवाएंगे, और दूसरा, मतदाता खुद वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर भर सकेंगे।

वोटर वेरिफिकेशन के दौरान कुछ दस्तावेजी नियम भी तय किए गए हैं। यदि नाम 2003 की लिस्ट में है तो अतिरिक्त दस्तावेज नहीं देने होंगे। जबकि 1 जुलाई 1987 के बाद जन्मे नागरिकों को जन्म प्रमाण और माता-पिता के दस्तावेज देने होंगे।

बिहार में SIR को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया था। 9 जुलाई को महागठबंधन ने राज्य बंद बुलाया, ट्रेनों को रोका और कई नेशनल हाइवे जाम किए। राहुल गांधी ने इसे “गरीबों के वोट छीनने की कोशिश” बताया था। संसद के मानसून सत्र में भी विपक्ष ने लगातार SIR का विरोध किया, जिससे कई बार सदन की कार्यवाही बाधित रही।