10 वर्षो में 30 हजार गरीब बच्चों ने छोड़ा स्कूल

आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित बच्चे छोड़ रहे स्कूल

रायपुर. शिक्षा का अधिकार कानून के अंतर्गत विगत दस वर्षो में लगभग 6500 प्राईवेट स्कूलों में 3,16,329 गरीब बच्चों को स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रवेश दिलाया था, लेकिन अब छत्तीगसढ़ स्कूल शिक्षा और डीपीआई के अनुसार वर्तमान में आरटीई के अंतर्गत कुल 2.85 लाख बच्चें ही प्राईवेट स्कूलों में अध्ययनरत् है, यानि लगभग 31,329 बच्चों ने दस वर्षो में स्कूल छोड़ दिया है। राज्य सरकार गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने और अनिवार्य दाखिले, उपस्थिति और शिक्षा पूर्ण करने को सुनिश्चित करने के लिए बाध्य है।

छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल का कहना है कि विगत दो वर्षो से ड्रॉप-आडट बच्चों की जांच की मांग की जा रही है, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने अब तक इस मामले की गंभीरता और निष्पक्षता से जांच नहीं कराया गया, जिसको लेकर अब महामहिम राज्यपाल से इस मामले की जांच कराने की मांग किया गया है। सरकार शाला त्यागी बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पानी के जैसा पैसा बहा रही है, वहीं दूसरी ओर आरटीई के गरीब बच्चे बड़ी संख्या में निजी स्कूलों को छोड़ रहे है और सरकार इस मामले में गंभीर नजर नही आ रही है।

शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत वर्षवार प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या

वर्ष            कुल दाखिला (प्रवेशित बच्चे)

2010-11                10000

2011-12                11000

2012-13                25084

2013-14                33560

2014-15                44117

2015-16                25875

2016-17                37933

2017-18                41935

2018-19                40254

2019-20                46571

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