6 हजार स्कूल बसों का टैक्स माफ करने मंत्री से मिले निजी स्कूलों के संचालक

2 करोड़ रुपए टैक्स माफ करने की मांग की

रायपुर। कोरोना काल में आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रदेश के निजी संचालकों ने खर्चों में कटौती करने के लिए राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है। प्रदेश के निजी स्कूल (NIJI SCHOOL) संचालकों ने कोरोना काल की वजह से स्कूलों में खड़ी बसों का रोड टैक्स माफ करने की बात कही है।

स्कूल संचालकों का कहना है कि टैक्स माफ करने के साथ ही फिटनेस रिनिवल कराने के दौरान अतिरिक्त शुल्क माफ किया जा सके। बसों का रोड टैक्स माफ हो और फिटनेस रिनिवल का अतिरिक्त शुल्क कम हो सके, इसलिए प्रदेश के परिवहन मंत्री से पिछले दिनों प्रदेश के निजी स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने मुलाकात की थी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है, कि मंत्री महोदय से मुलाकात कर अपनी मांगों को अवगत कराया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है, कि मंत्री जी ने छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन की मांग को जायज बताते हुए टैक्स माफ करने का आश्वासन दिया था।

6 हजार स्कूल बस है प्रदेश में

एसोसिएशन (NIJI SCHOOL) के पदाधिकारियों की मानें तो प्रदेश के ९ हजार निजी स्कूलों में लगभग ६ हजार स्कूल बस है। इन स्कूल बसों का सालाना फिटनेस शुल्क लगभग दो करोड़ रुपए जाता है। कोरोना काल के चलते स्कूलों के कई पालकों ने भुगतान नहंी किया है। स्कूल फीस समय पर नहीं जमा होने से खामियाजा यह निकल रहा है, कि ईएमआई और रोड टैक्स भुगतान चुनौती बना हुआ है। जिस तरह से ट्रांसपोटरों का टैक्स माफ किया गया है, उसी तरह से स्कूल बसों का टैक्स माफ करने की मांग एसोसिएशन ने की है।

2 करोड़ रुपए होता है टैक्स

प्रदेश की 6 हजार स्कूल बसों (NIJI SCHOOL) का लगभग २ करोड़ रुपए सालाना टैक्स होता है। यह टैक्स यदि सरकार माफ कर देगी, तो प्रदेश के स्कूल संचालकों का 2करोड़ रुपए अतिरिक्त भुगतान नहंी करना होगा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है, कि परिवहन मंत्री ने उक्त मामलें में पॉजीटिव रिस्पांस दिया है। अब सरकार आदेश जारी कर देगी, तो टैक्स जमा करने के बोझ स्कूल संचालकों के सिर से कम हो जाएगा, और उन्हें स्कूल का संचालन करने में आसानी होगी।

मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया

छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि कोरोना काल में हाईकोर्ट ने केवल ट्यशून फीस लेने का निर्देश दिया है। फीस जमा नहीं होने से आर्थिक समस्या से स्कूल प्रबंधन जूझ रहा है। परिवहन मंत्री से मुलाकात कर रोड टैक्स माफ करने की मांग की है। परिवहन मंत्री ने मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया है।

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