नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों (New Farm laws) को लेकर किसानों का प्रदर्शन सोमवार को भी जारी है। वहीं कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों (Farmers Protest) और सरकार के बीच 9 दिसंबर को छठे दौर की बातचीत होने वाली है। लेकिन इससे एक दिन पहले किसानों (Farmers) ने 8 दिसंबर को ‘भारत बंद’ (Bharat Bandh) का ऐलान किया है। इस भारत बंद (Bharat Band) का कांग्रेस (Congress), शिवसेना (Shivsena), एनसीपी, आम आदमी पार्टी (AAP) समेत देश के तमाम विपक्षी दलों ने समर्थन दिया है। इस बीच कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के शिखर संगठन ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन (ऐटवा) ने बंद में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के शिखर संगठन ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन (ऐटवा) ने कहा कि देश का बाजार और ट्रांसपोर्ट 8 दिसंबर को हो रहे भारत बंद (Bharat Band) में शामिल नहीं है। दिल्ली सहित देशभर के बाजार पूरी तरह से खुले रहेंगे और सामान्य रूप से कारोबारी गतिविधियां चालू रहेंगी, वहीं ट्रांसपोर्ट सेक्टर भी पहले की तरह काम करता रहेगा और माल की आवाजाही भी पूरी तरह चालू रहेगी।

Farmer protest

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया, राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल और ऐटवा के राष्ट्रीय चैयरमैन प्रदीप सिंघल, अध्यक्ष महेंद्र आर्य ने एक संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि भारत बंद को लेकर किसी भी किसान संगठन या किसान आंदोलन (Farmers Protest) के नेताओं ने कैट अथवा ऐटवा से अपने आंदोलन या भारत बंद के लिए कोई संपर्क नहीं किया है और न कोई समर्थन मांगा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली और देशभर के व्यापारी और ट्रांसपोर्टर्स भारत बंद (Bharat Band) में शामिल नहीं हैं।

बयान में आगे कहा गया कि जब किसान नेताओं की सरकार के साथ बातचीत का दौर चल रहा है तो किसी भी बंद का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के व्यापारियों एवं ट्रांसपोर्टरों की सहानुभूति किसानों के साथ है, क्योंकि वो व्यापारियों एवं ट्रांसपोर्टरों की तरह ही देश की अर्थव्यवस्था का बेहद महत्वपूर्ण और अभिन्न अंग हैं। हमें भरोसा है कि सरकार और किसान नेताओं के बीच चल रही बातचीत के नतीजे अवश्य निकलेंगे।

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