यूपी के टाइगर रिजर्व में बाघों का आकर्षण, पिलीभीत बना पर्यटकों की पहली पसंद

यूपी के टाइगर रिजर्व में बाघों का आकर्षण, पिलीभीत बना पर्यटकों की पहली पसंद

पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पुराने दुधवा टाइगर रिजर्व के साथ ही पीलीभीत, अमानगढ़ और रानीपुर वन्य जीव अभ्यारणों में बीते सालों की तुलना में पर्यटकों की भारी आमद दर्ज की गई है। प्रदेश के पुराने दुधवा टाइगर रिजर्व के साथ ही पीलीभीत, अमानगढ़ और रानीपुर वन्य जीव अभ्यारणों में बीते सालों की तुलना में पर्यटकों की भारी आमददर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश में पर्यटकों के लिए बाघों को देखने की सबसे पसंदीदा जगह के तौर पर पीलीभीत उभर रहा है। बीते एक साल में ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों की तादाद दोगुने से भी ज्यादा हो गयी है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में उत्तर प्रदेश में पर्यटकों को सबसे ज्यादा आसानी से बाघों के दर्शन हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के वन्य जीव अभ्यारणों में पर्यटकों की बढ़ती आमद के बाद भी प्रदेश सरकार ने इस सत्र के लिए घूमने व ठहरने के शुल्क में किसी तरह की वृद्धि नहीं की है।

 प्रदेश के वन विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2023-23 में जहां पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 23525 भारतीय व 54 विदेशी पर्यटकों की आमद हुई थी वहीं 2023-24 में यहां 54378 भारती व 189 विदेशी पर्यटक आए। पीलीभीत को लेकर वन्य जीव प्रेमी पर्यटकों में बढ़ते क्रेज को देखते हुए यहां सुविधाएं बढ़ायी जा रही हैं। यहां पर्यटकों की सहायता के लिए कर्मियों को ईको टूरिज्म बोर्ड की ओर से नेचर गाइड का प्रशिक्षण भी कराया गया है। इन्हें द नेचर स्कूल बेंगलुरु के प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण दिया है। आंकडों के मुताबिक दुधवा में 2022-23 में 41815 तो 2023-24 में 64401 भारतीय पर्यटकों की आमद हुयी है। वहीं चित्रकूट जिले में नए विकसित किए गए रानीपुर टाइगर रिजर्व में 2022-23 में 4180 तो 2023-24 में 13743 भारतीय पर्यटक आए।

वन, पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए यूपी में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। योगी सरकार ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष पर्यटन शुल्क नहीं बढ़ाया जाएगा, लेकिन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। वन मंत्री ने बताया कि दुधवा में मंगलवार को होने वाला साप्ताहिक अवकाश भी समाप्त कर दिया गया है। इससे सातों दिन यहां प्रकृति का आनंद उठा सकेंगे। वहीं पर्यटकों के लिए 30 आतिथ्य कार्यकर्ता (हॉस्पिटैलिटी स्टॉफ) को प्रशिक्षित किया गया है। इन्हें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के माध्यम से हाउसकीपिंग व कुकिंग संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है।

वन मंत्री ने बताया कि सरकार की तरफ से मिल रही सुविधाओं व सुरक्षित वातावरण के कारण ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन दुधवा टाइगर रिजर्व, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व व रानीपुर टाइगर रिजर्व में साल दर साल पर्यटकों की संख्या भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए योगी सरकार ने फैसला किया है कि इस वर्ष पर्यटन शुल्क नहीं बढ़ाया जाएगा, लेकिन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

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