छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के मौजूदा बजट सत्र में किसानों से जुड़े मुद्दे ज़ोर-शोर से उठ रहे हैं। सदन की ताज़ा कार्यवाही के दौरान धान ख़रीदी (Paddy Purchase), साख समितियों के ख़र्च और प्रदेश के कुछ हिस्सों में सूखे की स्थिति को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। CG Assembly Paddy Purchase (सीजी असेंबली पैडी परचेज़) का यह मुद्दा पूरे प्रदेश के किसानों के लिए बेहद अहम् है। इस दौरान सदस्यों ने धान की रीसायक्लिंग (Recycling) में हो रही कथित गड़बड़ियों पर भी सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।
CG Assembly Paddy Purchase: साख समितियों (Credit Committees) के ख़र्च पर सवाल
सदन में विपक्ष के विधायकों ने धान उपार्जन केंद्रों और प्राथमिक कृषि साख समितियों द्वारा किए जा रहे ख़र्चों का विस्तृत ब्यौरा मांगा। विधायकों का स्पष्ट कहना था कि समितियों के संचालन और धान के रखरखाव में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। CG Assembly Paddy Purchase प्रक्रिया को लेकर उठाए गए इन सवालों पर विभागीय मंत्री ने पूरे तथ्यों के साथ सरकार का पक्ष रखा और स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सूखे (Drought) और रीसायक्लिंग पर सरकार का पक्ष
धान ख़रीदी के अलावा, प्रदेश के जिन क्षेत्रों में अल्पवर्षा के कारण सूखे जैसी स्थिति निर्मित हुई है, वहां के किसानों के लिए मुआवज़े और राहत पैकेज की मांग भी सदन में गूंजी। साथ ही, कस्टम मिलिंग और धान की रीसायक्लिंग प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर विपक्ष ने जांच की मांग की। सरकार ने सदन में पूर्ण आश्वासन दिया है कि व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर सख़्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पारदर्शी प्रशासन (Transparent Administration) का दावा
इस पूरी कार्यवाही से यह स्पष्ट होता है कि विपक्ष कृषि और किसानों से जुड़े हर मुद्दे पर सरकार की सघन निगरानी कर रहा है। वहीं सत्ता पक्ष भी अपने जवाबों से यह साबित करने का प्रयास कर रहा है कि ज़मीनी स्तर पर काम पूरे पारदर्शी तरीक़े से हो रहा है।
