CG Assembly Jamboree controversy: विधानसभा में गूंजा जंबूरी आयोजन का मुद्दा, टेंडर से पहले काम शुरू होने पर हंगामा

CG Assembly Jamboree controversy

छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के बजट सत्र में आज एक बार फिर भारी हंगामा देखने को मिला। सदन की ताज़ा कार्यवाही के दौरान जंबूरी (Jamboree) आयोजन से जुड़े निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा पूरे ज़ोर-शोर से गूंजा। ताज़ा CG Assembly Jamboree controversy (सीजी असेंबली जंबूरी कंट्रोवर्सी) ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि इस बड़े आयोजन के लिए आधिकारिक टेंडर (Tenders) जारी होने और वर्क ऑर्डर मिलने से पहले ही ज़मीनी स्तर पर काम शुरू करवा दिया गया था।

CG Assembly Jamboree controversy: नियमों की अनदेखी का गंभीर आरोप प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी विधायकों ने पूरे तथ्यों और दस्तावेज़ों के साथ यह सनसनीख़ेज़ मामला उठाया। विधायकों का साफ़ कहना था कि बग़ैर किसी आधिकारिक टेंडर प्रक्रिया के ठेकेदारों को करोड़ों का काम सौंपना सीधे तौर पर वित्तीय नियमों का उल्लंघन है और यह एक बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इस CG Assembly Jamboree controversy के चलते सदन का माहौल काफ़ी गर्म रहा और सदस्यों ने ज़िम्मेदार अधिकारियों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की मांग की।

विभागीय मंत्री (Minister) का सदन में जवाब विपक्ष के इन तीखे हमलों और लगातार बढ़ते दबाव के बीच, संबंधित विभागीय मंत्री ने सदन में सरकार का पक्ष मज़बूती से रखा। मंत्री ने आयोजन की विशालता और समय की भारी कमी का हवाला देते हुए पूरी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। हालांकि, उन्होंने सदन को यह पक्का भरोसा भी दिलाया कि यदि इस पूरी टेंडर प्रक्रिया या वित्तीय आवंटन (Financial Allocation) में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई, तो दोषियों को बिल्कुल भी बख़्शा नहीं जाएगा।

निष्पक्ष जांच (Fair Investigation) की मांग इस पूरी विधायी चर्चा से यह स्पष्ट हो गया है कि विपक्ष सरकारी ख़ज़ाने के एक-एक पैसे के सदुपयोग को लेकर पूरी तरह से चौकन्ना है। अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के लिए क्या ठोस क़दम उठाती है।