नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रोविडेंट फंड (PF) रिटायरमेंट के समय एक बड़े वित्तीय सहारे के रूप में काम आता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने हाल ही में अपने खाताधारकों के लिए एक बेहद अहम जानकारी साझा की है। दरअसल, अब पीएफ अकाउंट में निवेश बंद होने के बावजूद सरकार की ओर से 3 साल तक ब्याज का लाभ दिया जाएगा।
EPFO Interest Rate: कब तक मिलेगा ब्याज?
ईपीएफओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी 55 वर्ष की आयु से पहले रिटायर हो जाता है, तो उसे 58 साल की उम्र तक पीएफ खाते पर ब्याज मिलता रहेगा। हालांकि, 58 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद खाता पूरी तरह से निष्क्रिय (Inoperative) हो जाएगा और उस पर किसी भी तरह का EPFO Interest Rate लागू नहीं होगा।
इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति 55 वर्ष की आयु में या उसके बाद रिटायर होता है, तो उसे रिटायरमेंट की तारीख से अगले 3 साल तक ईपीएफ पर ब्याज का फायदा मिलता रहेगा। इसके बाद ही खाता निष्क्रिय श्रेणी में डाला जाएगा। परिणाम स्वरूप, कर्मचारियों को समय रहते अपने फंड का उपयोग या निकासी कर लेनी चाहिए, ताकि उन्हें कोई वित्तीय नुकसान न उठाना पड़े।
निष्क्रिय खातों के सेटलमेंट की नई योजना
लंबे समय से पड़े निष्क्रिय खातों को व्यवस्थित करने के लिए भी ईपीएफओ ने एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में संगठन के शीर्ष निकाय सीबीटी (CBT) ने एक पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 1,000 रुपये या उससे कम की राशि वाले निष्क्रिय खातों का स्वत: सेटलमेंट (Auto Settlement) शुरू किया जाएगा।
अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले समय में 1,000 रुपये से अधिक की राशि वाले निष्क्रिय खातों को भी इस सुविधा से जोड़ दिया जाएगा। इससे ईपीएफओ में सदस्य-केंद्रित सुधारों को काफी मजबूती मिलेगी।
वर्तमान में कितनी है ब्याज दर?
फिलहाल वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ पर ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा गया है। यह लगातार तीसरा साल है जब ब्याज दर इसी मजबूत स्तर पर कायम है। इससे पहले, वर्ष 2022-23 में यह दर 8.15 प्रतिशत थी, जिसे 2023-24 में बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत कर दिया गया था। कुल मिलाकर, ईपीएफओ का यह नया नियम लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होने वाला है।
