छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बहुचर्चित टिकरापारा गोलीकांड में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज शर्मा की अदालत ने अपना अहम फैसला सुना दिया है। दरअसल, लगभग 11 साल पुराने इस मर्डर केस में मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह उर्फ Rohit Tomar (रोहित तोमर) को अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ हत्या से जुड़े ठोस और पुख्ता सबूत पेश करने में पूरी तरह से विफल रहा है।
43 हजार के फर्नीचर पेमेंट का था विवाद
यह पूरा मामला साल 2013 में रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चौसिया कॉलोनी में हुआ था। जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र सिंह ने अपनी बहन की शादी के लिए मोहम्मद हबीब खान नाम के कारोबारी को 48,000 रुपये के फर्नीचर का ऑर्डर दिया था।
इस सौदे में वीरेंद्र सिंह ने 5,000 रुपये एडवांस के रूप में जमा करा दिए थे। इसके विपरीत, बाकी बचे 43,000 रुपये का भुगतान होना अभी बाकी था। धीरे-धीरे इसी बची हुई रकम को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद काफी गहराता चला गया।
13 अगस्त 2013 की घटना: कैसे हुई नौशाद की हत्या?
बकाया पैसों की वसूली के लिए 13 अगस्त 2013 को हबीब खान अपने कुछ साथियों के साथ वीरेंद्र सिंह के घर पहुंचे थे। उनकी योजना अपना फर्नीचर वापस ले जाने की थी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते हिंसक मारपीट का रूप ले लिया।
पुलिस की शुरुआती चार्जशीट के मुताबिक, मारपीट के बीच वीरेंद्र सिंह ने अपनी पिस्टल निकाली और हबीब खान पर फायर कर दिया। हालांकि, यह गोली हबीब को न लगकर उसके ठीक पीछे खड़े नौशाद आलम उर्फ असलम को जा लगी। परिणाम स्वरूप, नौशाद की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।
Rohit Tomar को कोर्ट से क्यों मिली राहत?
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने तेजी से मामला दर्ज किया था। इसके अलावा, मौके से कई अहम सुराग जुटाए गए, गवाहों के बयान लिए गए और आरोपी के पास से बरामद पिस्टल को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया था।
हालांकि, जब यह मामला ट्रायल के लिए अदालत में पहुंचा, तो कहानी पूरी तरह बदल गई। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने पाया कि पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्य और गवाहों के बयान विश्वसनीय नहीं हैं। अंततः, बचाव पक्ष के वकील शशांक मिश्रा की दलीलों और सबूतों की कमी (संदेह का लाभ) के आधार पर अदालत ने Rohit Tomar को इस गंभीर मामले में पूरी तरह दोषमुक्त करार दिया है।
