छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग ने अनियमितताओं और जरूरी गाइडलाइंस का पालन न करने वाले Private Hospitals in Chhattisgarh (छत्तीसगढ़ के निजी अस्पतालों) के खिलाफ एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है। गुरुवार को विभाग ने प्रदेश भर के 59 निजी अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 33 अस्पतालों को निलंबित कर दिया है, जबकि 26 अस्पतालों का प्री-ऑथराइजेशन और भुगतान पूरी तरह से रोक दिया गया है।
HEM 2.0 पोर्टल पर जानकारी न देना पड़ा भारी
इस पूरी कार्रवाई की मुख्य वजह आयुष्मान भारत योजना के तहत नए नियमों की अनदेखी करना है। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान योजना के अंतर्गत पंजीकृत सभी अस्पतालों को अपने ‘एचईएम 2.0’ (HEM 2.0) पोर्टल पर जानकारी अपडेट करने और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के सख्त निर्देश दिए थे।
इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पिछले साल 31 दिसंबर को अंतिम तिथि के रूप में निर्धारित किया गया था। विभाग द्वारा कई बार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद, इन अस्पतालों ने न तो कोई ध्यान दिया और न ही विभाग द्वारा पूछी गई क्वेरीज (सवालों) का कोई जवाब दिया।
किस आधार पर हुई 59 अस्पतालों पर कार्रवाई?
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय की गहन अनुशंसा और समीक्षा के आधार पर ही स्वास्थ्य विभाग ने यह कड़ा एक्शन लिया है। इस कार्रवाई को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:
- 21 अस्पताल पूर्णतः निलंबित: इन अस्पतालों ने तय समय-सीमा में एक बार भी अपना आवेदन पोर्टल पर प्रस्तुत नहीं किया। इसलिए इन्हें आगामी आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया गया है।
- 12 अस्पताल निलंबित (क्वेरी का जवाब न देने पर): इन अस्पतालों ने अपनी जरूरी जानकारी अपडेट नहीं की और न ही विभाग के सवालों का कोई जवाब दिया। इस घोर लापरवाही के चलते इन्हें भी योजना से सस्पेंड कर दिया गया है।
- 26 अस्पतालों का भुगतान रुका: इन अस्पतालों का आवेदन पोर्टल पर अपूर्ण (अधूरा) मिला था और निर्देश के बाद भी इन्होंने दोबारा आवेदन नहीं किया। परिणाम स्वरूप, इन सभी 26 अस्पतालों का प्री-ऑथराइजेशन और बकाया भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
किन बड़े अस्पतालों पर गिरी गाज?
इस बड़ी कार्रवाई की जद में राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, महासमुंद, गरियाबंद और बेमेतरा के कई नामचीन अस्पताल शामिल हैं।
निलंबित किए गए कुछ प्रमुख अस्पताल:
- रायपुर: महादेव हॉस्पिटल, न्यू रायपुरा अस्पताल, शिवम हॉस्पिटल, सौभाग्य हॉस्पिटल, जैन हॉस्पिटल, लक्ष्मी अस्पताल, सिद्धि विनायक हॉस्पिटल, वासुदेव मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल और ओम नेत्र केंद्र।
- दुर्ग-भिलाई: एपी सर्जिकल सेंटर, आईएमआई हॉस्पिटल, एयूएम हॉस्पिटल, सांई कृपा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल और गंगोत्री हॉस्पिटल।
- अन्य जिले: न्यू आयुष्मान हॉस्पिटल (बेमेतरा), सोमेश्वर हॉस्पिटल (गरियाबंद), और सेवा भवन हॉस्पिटल (महासमुंद)।
जानकारी अपडेट न करने पर निलंबित अस्पताल: पिनाकी शोभा अस्पताल (GPM), एमडी मोदी मेमोरियल (जांजगीर-चांपा), श्री उत्तम सांई केयर (महासमुंद), कालड़ा नर्सिंग होम (रायपुर), श्री कृष्णा मल्टीस्पेशलिटी (रायपुर), और प्रज्ञा हॉस्पिटल (रायपुर)।
जिनका भुगतान रोका गया: पांडे नर्सिंग होम (रायपुर), दृष्टि नेत्रालय (रायपुर), शकुंतला अस्पताल (बालोद), सुविधा हॉस्पिटल (दुर्ग), रूपजीवन हॉस्पिटल (कवर्धा), और रावतपुरा सरकार हॉस्पिटल (रायपुर) समेत 26 अस्पताल इस सूची में शामिल हैं।
राज्य सरकार का यह कदम साफ संदेश देता है कि मरीजों की स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
