महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लागू करने की दिशा में केंद्र सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार से शुरू होने वाले संसद के विशेष विस्तारित सत्र से ठीक पहले, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के लिए 3 लाइन का व्हिप जारी कर दिया है।
16 से 18 अप्रैल तक उपस्थिति अनिवार्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक 3 दिन का विशेष संसद सत्र बुलाया है। इस सत्र के दौरान महिला आरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर विचार किया जाएगा और इसे पारित किए जाने की पूरी संभावना है।
पार्टी द्वारा सांसदों को भेजे गए संदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं:
- BJP के सभी सदस्यों को 16 से 18 अप्रैल 2026 तक सदन में उपस्थित रहने के लिए 3 लाइन का व्हिप जारी किया गया है।
- सभी केंद्रीय मंत्रियों और सदस्यों से अनुरोध किया गया है कि वे इन 3 दिनों के दौरान सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।
- संदेश में साफ कहा गया है कि किसी भी सांसद का कोई अवकाश (छुट्टी) स्वीकृत नहीं किया जाएगा और व्हिप का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है।
2029 तक लागू करने का लक्ष्य
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8 अप्रैल को उन प्रारूप विधेयकों को मंजूरी दे दी है, जिनका मुख्य उद्देश्य 2029 के संसदीय चुनावों से पहले महिलाओं के लिए आरक्षण को जमीन पर लागू करना है।
इस विधेयक के तहत होने वाले बड़े बदलाव:
- नए परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की कुल संख्या बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है।
- इन 816 सीटों में से 33 प्रतिशत यानी 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।
इस विशेष सत्र और व्हिप के जरिए सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह महिला आरक्षण बिल को लेकर बेहद गंभीर है और इसे बिना किसी देरी के कानूनी रूप देने के लिए तैयार है।
