CG News: कबीरधाम बिजली विभाग में 3.17 करोड़ का गबन, 4 साल से फर्जीवाड़ा कर रहा था कार्यालय सहायक

Kabirdham Electricity Scam

Kabirdham Electricity Scam:छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कबीरधाम जिले से 1 बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रक्षक ही भक्षक बन गए। जिले की बिजली कंपनी के रवेली वितरण केंद्र में 1 कार्यालय सहायक (क्लर्क) ने करोड़ों रुपये का चूना लगाकर विभाग को हिला कर रख दिया है। आरोपी मनोज कुमार साहू पर 3.17 करोड़ रुपये के भारी भरकम गबन का आरोप लगा है। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि यह फर्जीवाड़ा 1 या 2 दिन नहीं, बल्कि पूरे 4 साल तक चलता रहा और किसी को कानो-कान खबर तक नहीं हुई।

155 मामलों में बिना बैंक में पैसे जमा किए दिखाया रिकॉर्ड

विभागीय जांच में जब दस्तावेजों को खंगाला गया, तो भ्रष्टाचार की परतें खुलती चली गईं।

  • जांच में यह बात सामने आई है कि यह धोखाधड़ी वित्तीय वर्ष 2019-20 से लेकर 2022-23 के बीच की गई है।
  • आरोपी कार्यालय सहायक मनोज कुमार साहू ने राजस्व राशि को सिस्टम में दर्ज कर दिया और कैश लॉट के साथ सीआरए भी बना दिए। लेकिन, उसने वह पैसा कभी बैंक खाते में जमा ही नहीं किया।
  • कागजों में सब कुछ बिल्कुल सही दिखता रहा, जबकि हकीकत में करोड़ों रुपये गायब हो रहे थे।
  • इस तरह के कुल 155 प्रकरण सामने आए हैं। इनमें से 136 मामलों में नकद ब्योरा और राजस्व लेखा दोनों बनाए गए थे, जबकि 19 मामलों में राजस्व लेखा भी नहीं बनाया गया था। किसी भी मामले में बैंक में पैसा नहीं पहुंचा।

जाली हस्ताक्षर और फर्जी बैंक स्लिप से छिपाया खेल

अपनी इस भारी गड़बड़ी और चोरी को छिपाने के लिए आरोपी ने 1 सुनियोजित साजिश रची थी।

  • आरोपी ने बैंक स्लिप की सिर्फ फोटोकॉपी फाइलों में लगाई थी, जबकि मूल बैंक स्लिप (ओरिजिनल कॉपी) गायब कर दी गई थी।
  • कई फोटोकॉपी वाली स्लिप्स में तारीख और रकम के ऊपर ओवरराइटिंग की गई थी।
  • जब बैंक विवरण से इन स्लिप्स का मिलान किया गया, तो पता चला कि खाते में कोई पैसा जमा ही नहीं हुआ था।
  • हद तो तब हो गई जब जांच में कनिष्ठ अभियंता (जूनियर इंजीनियर) के फर्जी हस्ताक्षर का भी खुलासा हुआ। आरोपी ने दस्तावेजों में अधिकारी के नाम की मुहर लगाकर खुद ही उनके जाली हस्ताक्षर कर दिए थे।

थाने में एफआईआर दर्ज, आरोपी की जल्द होगी गिरफ्तारी

इस करोड़ों के फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। सहायक अभियंता सुनील कुमार गुप्ता ने 25 अप्रैल को पिपरिया थाना में इस मामले की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।

पिपरिया थाना प्रभारी अमित कुमार कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस जल्द ही आरोपी मनोज कुमार साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी, जिससे यह पता चल सके कि गबन की गई इतनी बड़ी रकम कहां छुपाई गई है और क्या इस खेल में विभाग के कुछ और लोग भी शामिल थे।