“मसाला बढ़िया से डालिए…”, जब CM विष्णु देव साय ने ‘रानी मिस्त्री’ के साथ जोड़ी ईंट, दिखा सुशासन का असली रंग

CM Vishnu Deo Sai

छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन तिहार’ के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का एक बेहद ही सहज और आत्मीय अंदाज देखने को मिला है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि सुशासन केवल नीतियों और कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जमीन पर उतरकर उसे महसूस करने और जीने की प्रक्रिया है। निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सिर्फ औपचारिक समीक्षा नहीं की, बल्कि खुद ईंट और गारा उठाकर निर्माण कार्य में हाथ बँटाया।

‘रानी मिस्त्री’ बहनों के साथ जब सीएम बने मजदूर

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने ‘रानी मिस्त्री’ (महिला राजमिस्त्री) के रूप में कार्य कर रहीं श्रमिक बहनों के बीच जाकर काफी समय बिताया।

  • दिलचस्प संवाद: मुख्यमंत्री जब ईंट की जोड़ाई कर रहे थे, तभी श्रमिक बहन संगीता ने पूरी सहजता और आत्मीय अधिकार के साथ मुस्कुराते हुए कहा – “ईंट जोड़ाई अच्छे से करिए, मसाला बढ़िया से डालिए।”
  • जनता का विश्वास: यह संवाद महज़ एक वाक्य नहीं था, बल्कि यह उस विश्वास का प्रतीक है जो आज सरकार और जनता के बीच विकसित हो रहा है, जहाँ एक आम नागरिक राज्य के मुखिया से बिना झिझक अपनी बात कह सकता है।

“सुशासन का अर्थ धरातल पर योजनाओं को साकार करना”

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं है।

  • उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब शासन और जनता के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता का रिश्ता बनता है, तभी विकास स्थायी होता है।
  • यही आत्मीयता और साझेदारी ही सुशासन की सबसे बड़ी ताकत है।

अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान सीएम विष्णु देव साय ने प्रशासनिक ढांचे को भी कड़ा संदेश दिया:

  • निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं।
  • श्रमिकों के लिए कार्यस्थल पर पेयजल, सुरक्षा और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

सुशासन तिहार ने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में सरकार और जनता के बीच अब कोई दूरी नहीं है, बल्कि यह संवाद और साझेदारी का एक मजबूत संबंध बन चुका है।