टीएस सिंहदेव के बयान पर अमरजीत भगत का रिएक्शन: ‘आलाकमान का फैसला होगा सर्वमान्य

Amarjeet Bhagat on TS Singh Deo

Amarjeet Bhagat on TS Singh Deo:छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) में बदलाव की चर्चाओं के बीच सियासी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। हाल ही में प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने पीसीसी चीफ बनने को लेकर अपनी इच्छा जाहिर की थी, जिसके बाद अब पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत (Amarjeet Bhagat) की प्रतिक्रिया सामने आई है। सरगुजा संभाग के इन दोनों दिग्गज नेताओं के बयानों से प्रदेश कांग्रेस की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।

क्या था टीएस सिंहदेव का बयान?

आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले अंबिकापुर में मीडिया से बातचीत करते हुए टीएस सिंहदेव ने कहा था कि अगर पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व उन्हें प्रदेश अध्यक्ष (PCC Chief) की जिम्मेदारी सौंपता है, तो वे एक सच्चे सिपाही की तरह इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उनके इस बयान को प्रदेश कांग्रेस में एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा था।

अमरजीत भगत ने क्या कहा?

टीएस सिंहदेव के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने सधा हुआ जवाब दिया। भगत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में संगठन के अहम पदों पर फैसला हमेशा आलाकमान (High Command) ही करता है।

उन्होंने स्पष्ट किया, “पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व जिसे भी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपेगा, हम सभी पार्टी के सिपाही मिलकर उसके साथ काम करेंगे और संगठन को मजबूत बनाएंगे।” भगत ने यह भी जोर दिया कि पार्टी में फिलहाल एकजुटता की सबसे ज्यादा जरूरत है, ताकि विपक्ष के तौर पर सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ाई लड़ी जा सके।

सरगुजा की राजनीति और नेतृत्व की मांग

टीएस सिंहदेव और अमरजीत भगत, दोनों ही नेता सरगुजा क्षेत्र से आते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सरगुजा संभाग में बड़ा झटका लगा था। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगठन में बदलाव करते समय कांग्रेस नेतृत्व इस बात का खास ख्याल रखेगा कि सरगुजा के समीकरणों को कैसे साधा जाए। समय-समय पर कांग्रेस के भीतर से आदिवासी नेता को पीसीसी चीफ बनाए जाने की भी मांग उठती रही है, जिस पर अमरजीत भगत पहले भी अपनी सहमति जता चुके हैं।

अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस आलाकमान टीएस बाबा के अनुभव पर दांव लगाता है, या फिर किसी अन्य चेहरे को कमान सौंपकर संगठन में नई ऊर्जा भरने का प्रयास करता है।