CNG Price Hike: आम आदमी को बड़ा झटका, 11 दिन में चौथी बार महंगी हुई CNG, दिल्ली में रेट 83.09 रुपये/किलो

CNG Price Hike

CNG Price Hike:नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष का सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने मंगलवार, 26 मई को दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि कर दी है। पिछले 11 दिनों में सीएनजी के दामों में यह चौथी बढ़ोतरी है।

दिल्ली में सीएनजी की नई कीमत

इस ताज़ा बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सीएनजी की कीमत अब 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई है। उत्तरी भारत की सबसे बड़ी सिटी गैस वितरण कंपनी आईजीएल द्वारा की गई इस बढ़ोतरी के साथ ही, 15 मई से अब तक सीएनजी कुल 6 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो चुकी है।

  • 15 मई: 2 रुपये की बढ़ोतरी
  • 17 मई: 1 रुपये की बढ़ोतरी
  • 23 मई: 1 रुपये की बढ़ोतरी
  • 26 मई: 2 रुपये की बढ़ोतरी

मुंबई में MGL ने खत्म की सब्सिडी

आईजीएल का यह कदम अकेला नहीं है। मुंबई की सबसे बड़ी सिटी गैस कंपनी महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने भी सोमवार को अपने वाणिज्यिक (Commercial) ग्राहकों के लिए चल रही सहायता योजनाओं और सब्सिडी को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला किया है। कंपनी ने इस कड़े फैसले के पीछे ‘मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों और उसके प्रभाव’ को मुख्य कारण बताया है।

महंगाई का चौतरफा असर: टैक्सी से लेकर राशन तक सब होगा महंगा

सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का असर केवल वाहनों के ईंधन खर्च तक सीमित नहीं रहता है:

  1. परिवहन और लॉजिस्टिक्स: टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और व्यावसायिक परिवहन सेवाओं के परिचालन खर्च बढ़ने से मालभाड़ा और लॉजिस्टिक्स काफी महंगा हो जाता है।
  2. दैनिक वस्तुएं: परिवहन लागत बढ़ने का सीधा बोझ रोजमर्रा की खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है।
  3. पेट्रोल-डीजल और LPG: यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगातार इजाफा देखा जा रहा है। इसके अलावा, इस महीने की शुरुआत में 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर (Commercial LPG Cylinder) की कीमत में भी भारी बढ़ोतरी की गई थी।

ईंधन के लगातार महंगे होने से अब घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दिल्ली-एनसीआर में पिछली बढ़ोतरी के बाद ही टैक्सी यूनियनों और व्यावसायिक परिवहन संगठनों ने कड़ा विरोध भी दर्ज कराया था। अब इस नई बढ़ोतरी से उनकी नाराजगी और बढ़ने की आशंका है।