Hindi Journalism 200 Years:रायपुर। हिंदी पत्रकारिता ने अपने शानदार सफर के 200 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब (Raipur Press Club) ने एक बेहद भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए प्रदेश के विकास, विशेषकर बस्तर में आ रहे सकारात्मक बदलावों में मीडिया की महती भूमिका को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता को लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला बताया और समाज के प्रति पत्रकारों के समर्पण को नमन किया।
‘उदंत मार्तंड’ से लेकर आज तक का गौरवशाली सफर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भगवान राम के ननिहाल और माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता का ऐसा आयोजन अत्यंत अभिनंदनीय है।
- ऐतिहासिक शुरुआत: मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 30 मई 1826 को कोलकाता से पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित देश के पहले हिंदी समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ (Udant Martand) ने भारतीय पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी थी।
- नारद जयंती का संयोग: उन्होंने इस दिलचस्प तथ्य का भी उल्लेख किया कि ‘उदंत मार्तंड’ का प्रकाशन नारद जयंती के दिन ही शुरू हुआ था, जो इस बात का प्रतीक है कि भारतीय पत्रकारिता हमारी सांस्कृतिक और सनातन जड़ों से गहराई से जुड़ी हुई है।
बस्तर में बदल रही है तस्वीर, मीडिया बना रहा नई पहचान
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और ‘मोदी की गारंटी’ को आम जनता तक पहुंचाने में मीडिया की सकारात्मक भूमिका की जमकर सराहना की।
- नक्सलवाद का खात्मा और शांति: उन्होंने विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और पत्रकारों के सहयोग से प्रदेश में शांति का वातावरण मजबूत हुआ है। भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में लाने में मीडिया ने बड़ी भूमिका निभाई है।
- बस्तर की नई छवि: सीएम साय ने कहा, “आज जब मीडिया बस्तर (Bastar) में हो रहे सकारात्मक बदलाव, विकास, पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य की खबरें दुनिया के सामने लाता है, तो छत्तीसगढ़ की एक नई पहचान बनती है। जो बस्तर कभी बंदूकों और हिंसा के लिए जाना जाता था, वह आज पर्यटन और विकास की नई संभावनाओं का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।”
रायपुर की पत्रकारिता और महापुरुषों का स्मरण
मुख्यमंत्री ने रायपुर की वैचारिक पत्रकारिता का भी उल्लेख किया।
- उन्होंने मधुकर खेर, मायाराम सुरजन, ललित सुरजन, रमेश नैय्यर और बबन प्रसाद मिश्र जैसे दिग्गज पत्रकारों को श्रद्धांजलि दी।
- स्वतंत्रता संग्राम और पत्रकारिता: सीएम ने कहा कि महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक और माधवराव सप्रे जैसे सेनानियों ने पत्रकारिता को सामाजिक जागरण का माध्यम बनाया। उन्होंने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का भी विशेष स्मरण किया, जिन्होंने अपनी पत्रकारिता के जरिए देश में राष्ट्रवाद की अलख जगाई थी।
सोशल मीडिया के दौर में नई चुनौतियां
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी (OP Choudhary) ने कहा कि 1826 के कठिन दौर में पत्रकारिता ने समाज को उजाले की दिशा दिखाने का काम किया। पत्रकारिता का मूल धर्म राष्ट्र को सही दिशा देना है।
- वहीं, कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और इंडिया हैबिटेट सेंटर के डायरेक्टर डॉ. के.जी. सुरेश ने बदलते समय के साथ सोशल मीडिया और नागरिक पत्रकारिता (Citizen Journalism) से उत्पन्न नई चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता को विश्वसनीय बनाए रखने के लिए उसे शोधपरक और साक्ष्य-आधारित रखना बेहद जरूरी है।
लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स और विमोचन
इस गरिमामयी अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाले विशिष्टजनों को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया। साथ ही, हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर प्रकाशित एक विशेष अंक, रायपुर प्रेस क्लब की नई पत्रकार डायरेक्टरी और श्री दिनेश यदु की पुस्तक ‘मैं अगहन हूं’ का विमोचन भी किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी समेत बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
