मानसून का कहर: लखनऊ में सड़कें बनीं तालाब, 11 नदियां उफान पर; बद्रीनाथ हाईवे भी बंद

रायपुर। देश के कई राज्यों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड, हिमाचल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और छत्तीसगढ़ तक भारी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। कई शहरों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि नदियों के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तीन से चार घंटे की बारिश के बाद कई इलाकों में दो फीट तक पानी भर गया। जानकीपुरम समेत कई रिहायशी इलाकों में पानी घरों के बेडरूम और किचन तक पहुंच गया। सड़कों पर जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदेश में गंगा, यमुना और शारदा समेत 11 नदियां उफान पर हैं। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण घाट किनारे बने 100 से अधिक छोटे मंदिर जलमग्न हो गए हैं।

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला एक पुल डूब गया है। नदी का पानी आसपास की कॉलोनियों और घरों तक पहुंच गया है।

उत्तराखंड के चमोली जिले में भारी बारिश के कारण बाजपुर के पास पहाड़ का एक हिस्सा खिसक गया, जिससे बद्रीनाथ हाईवे बंद हो गया। पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन की ओर से मलबा हटाने का काम जारी है।

हिमाचल प्रदेश में भी बारिश कहर बनकर बरस रही है। 30 जून से 15 अगस्त के बीच बारिश और भूस्खलन जैसी घटनाओं में 183 लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार शाम तक प्रदेश में 103 सड़कें बंद थीं।

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ओडिशा, उत्तराखंड और झारखंड में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।