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वाशिम : स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के मुंबई जोन के पूर्व निदेशक समीर वानखेड़े ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के वाशिम जिले की अदालत में शपथपत्र दायर किया जिसमें कहा गया है कि उनका परिवार अनुसूचित जाति के समुदाय से है और उन्होंने कोई अन्य धर्म नहीं अपनाया है। राज्य सरकार में पूर्व मंत्री नवाब मलिक के विरुद्ध समीर के भाई संजय वानखेड़े ने मानहानि की शिकायत दायर की थी जिसमें समीर ने हलफनामा दायर किया है।

संजय ने वाशिम की एक विशेष अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें अनुरोध किया गया था कि राष्ट्रवादी क ांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक के विरुद्ध अनुसूचित जनजाति (प्रताड़ना निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए। मालिक ने आरोप लगाया था कि समीर वानखेड़े ने सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र सौंपा था। इस मामले की जांच करते हुए महाराष्ट्र सामाजिक न्याय विभाग की जाति प्रमाणन समिति ने हाल में समीर वानखेड़े को क्लीन चिट दे दी थी। समिति ने कहा था कि भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी वानखेड़े जन्म से मुस्लिम नहीं हैं और यह साबित हो चुका है कि वह महार जाति के हैं जिसे अनुसूचित जाति का दर्ज़ा प्राप्त है।

समिति के आदेश में कहा गया था कि मलिक और अन्य की ओर से समीर वानखेड़े की जाति के दावे को लेकर दायर शिकायतों की पुष्टि नहीं की जा सकती इसलिए उन्हें खारिज किया जाता है। समीर ने बृहस्पतिवार को दायर शपथपत्र में कहा कि “नवाब मलिक ने अपराध किया है” इसलिए वह अदालत में हलफनामा दायर कर रहे हैं। उन्होंने हलफनामे में कहा कि वाशिम के वरुड के निवासी संजय वानखेड़े उनके चचेरे भाई हैं और उनका परिवार अनुसूचित जाति का है तथा उन्होंने कोई और धर्म स्वीकार नहीं किया है। समीर वानखेड़े ने यह भी कहा कि उन्होंने नवाब मलिक के दामाद समीर खान के खिलाफ मादक द्रव्य मामले में कार्रवाई की थी जिसके बाद राकांपा नेता ने उन पर मीडिया के माध्यम से निजी आरोप लगाए।

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