Applicants will have to undergo personality test for recruitment to Group-1 posts in Andhra Pradesh

अमरावती : आंध्र प्रदेश सरकार ने साक्षात्कार को समाप्त करने के अपने पिछले आदेश को रद्द कर दिया है और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों, विशेष रूप से कार्यकारी स्तर के पदों पर भर्ती के लिए आवेदकों को व्यक्तित्व परीक्षण से गुजरना होगा। जून 2021 में, राज्य सरकार ने कर्मचारियों की भर्ती के लिए साक्षात्कार का प्रावधान समाप्त करते हुए एक आदेश जारी किया था।

सरकार ने उसे “अत्यंत पारदर्शिता” बनाए रखने और सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में “पूर्ण विश्वास” सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया “ऐतिहासिक निर्णय” करार दिया था। सभी श्रेणियों के सरकारी पदों पर भर्ती लिखित परीक्षा के आधार पर ही की जानी थी। लेकिन अब सरकार ने नयी प्रक्रिया को खत्म करने और पुरानी व्यवस्था को वापस लाने का फैसला किया है, लिहाजा अब आवेदकों को व्यक्तित्व परीक्षण से गुजरना होगा।

राज्य के मुख्य सचिव समीर शर्मा ने 30 सितंबर के अपने एक आदेश में कहा, “सरकार, मामले पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद समूह -1 की सेवाओं के तहत उच्च स्तरीय पदों के लिए व्यक्तित्व परीक्षण के प्रावधान को बहाल करती है। इसका मकसद सार्वजनिक सेवाओं को प्रभावी व कुशल बनाने के लिए उपयुक्त व मेधावी उम्मीदवारों की भर्ती करना है।” इस आदेश को सार्वजनिक नहीं किया गया था। चार साल से अधिक के अंतराल के बाद, आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) ने 30 सितंबर को राज्य सरकार में समूह-1 कैडर के 92 पदों को भरने के लिए एक अधिसूचना जारी की है और नए आदेश में व्यक्तित्व परीक्षण का उल्लेख किया गया है।

समूह-1 की प्रारंभिक परीक्षा में औसतन लगभग 60,000 और मुख्य परीक्षा के लिए लगभग 10,000 उम्मीदवार शामिल होते हैं। समूह-2 और अन्य के लिए यह संख्या दो लाख से अधिक रहती है। समूह-1 के पदों में उप-जिलाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, जिला रजिस्ट्रार, लेखा अधिकारी आदि पद शामिल हैं।

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