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उदयपुर : राजस्थान के उदयपुर शहर में अगले महीने भारत की अध्यक्षता में होने वाली जी20 देशों की शेरपा बैठक की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। शहर और उसके आसपास के पर्यटन गंतव्यों को विशेष तौर पर सजाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियों को इसी महीने अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उदयपुर शहर के साथ विश्व धरोहर स्थल कुंभलगढ़ किला (राजसमंद) और लोकप्रिय रणकपुर जैन मंदिर (पाली) को भी वीवीआईपी दर्शन के लिए तैयार किया जा रहा है।

जी20 शेरपा बैठक पांच से सात दिसंबर तक उदयपुर में की आयोजित की जाएगी। भारत की जी20 अध्यक्षता में यह पहली शेरपा बैठक होगी। गौरतलब है कि भारत को एक दिसंबर 2022 से अगले एक साल लिए जी20 समूह की अध्यक्षता मिल रही है। इस दौरान राजस्थान के उदयपुर और जोधपुर सहित देशभर के विभिन्न स्थानों पर 200 से अधिक बैठकें होनी हैं। दिसंबर के पहले सप्ताह में उदयपुर में शेरपा बैठक के बाद जोधपुर में दो से चार फरवरी 2023 तक रोजगार कार्यदल की पहली बैठक आयोजित की जाएगी।

उदयपुर के जिला कलेक्टर तारा चंद मीणा ने कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां 30 नवंबर तक पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन की मेजबानी में मेवाड़ी मेहमानवाजी की झलक पेश कर उदयपुर देश-दुनिया के सामने अनूठी मिसाल पेश करेगा। जिला कलेक्टर ने बताया कि सड़कों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण का कार्य जोरों पर है। उन्होंने कहा कि तालाबों की सफाई, धरोहर स्थलों पर रोशनी की व्यवस्था और घाटों के सौंदर्यीकरण के काम में भी संबंधित विभाग के कर्मचारी जुटे हुए हैं। क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय (उदयपुर) में उप निदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि पूरे शहर का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिसमें दीवार पर पेंटिग बनाना, साज-सज्जा करना और रंग-बिरंगी लाइटें लगाना आदि शामिल है।

उन्होंने कहा, “बैठक में आने वाले प्रतिनिधियों को राजस्थान के रंग में रंगी भारतीय संस्कृति का अनुभव होगा। पूरे शहर को सजाया-संवारा जा रहा है। प्रतिनिधियों को शिल्प ग्राम में ग्रामीण जीवन की झलक मिलेगी। आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आतिथ्य का मुख्य आकर्षण होंगी।” सक्सेना ने बताया, “शहर के विभिन्न हिस्सों में दीवारों पर आकर्षक चित्र बनाए गए हैं। प्रतिनिधियों को राजस्थानी व्यंजन भी परोसे जाएंगे हालांकि, अभी मेन्यू को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।” पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। इसमें हिस्सा लेने वाले देशों के प्रतिनिधियों को जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की जाएगी।”

अधिकारी के मुताबिक, प्रतिनिधि चार दिसंबर को उदयपुर पहुंचेंगे और उनके लिए एक निजी होटल में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पांच दिसंबर को होटल ताज फतेह प्रकाश पैलेस के दरबार हॉल में चर्चा शुरू होगी। इस दौरान तकनीकी परिवर्तन और हरित विकास जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पांच दिसंबर की शाम को प्रतिनिधियों को सिटी पैलेस और जगमंदिर ले जाया जाएगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रिभोज होगा।

सूत्रों के मुताबिक, छह दिसंबर को 'त्वरित, समावेशी और लचीला विकास, 'बहुपक्षवाद, 'खाद्य, ईंधन और उर्वरक और 'महिला नेतृत्व विकास विषय पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि छह दिसंबर की शाम को प्रतिनिधि पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के शिल्प ग्राम का दौरा करेंगे और रात में सिटी पैलेस परिसर में माणक चौक पर सांस्कृतिक प्रदर्शन का लुत्फ उठाएंगे। सूत्रों के अनुसार, बैठक के अंतिम दिन सात दिसंबर को प्रतिनिधि राजसमंद में 15वीं शताब्दी के भव्य कुंभलगढ़ किले का दौरा करने के लिए 80 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करेंगे। यह किला अरावली की पहाड़ियों पर स्थित है और मेवाड़ के महान राजा महाराणा प्रताप का जन्मस्थान है।

कुंभलगढ़ से प्रतिनिधि 15वीं शताब्दी के एक अन्य स्मारक-पाली के रणकपुर मंदिर भी जाएंगे। यह मंदिर देश के सबसे शानदार वास्तुशिल्प स्मारकों में से एक है। जी20 दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी समूह है। इसके सदस्यों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।

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