मुंबई। विश्व प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत सम्राट पंडित जसराज का पार्थिव शरीर बुधवार को अमेरिका के न्यू जर्सी से मुंबई लाया गया। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के विले पार्ले के श्मशान में गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ होगा। संगीत के मेवाती घराने से ताल्लुक रखने वाले पद्यभूषण पंडित जसराज का हृदय गति रुक जाने से न्यू जर्सी स्थित आवास पर सोमवार को निधन हो गया था। वह 9० वर्ष के थे।

उनके परिवार की ओर से बताया गया कि पंडित जसराज के पार्थिव शरीर को गुरुवार को उनके वर्सोवा स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार विले पार्ले के पवन हंस श्मशान भूमि पर किया जाएगा। पंडित जसराज के अंतिम संस्कार में कई हस्तियां शामिल होंगी और उन्हें 21 तोपों की सलामी भी दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि पंडित जसराज का जन्म 28 जनवरी 193० को हिसार जिले (अब फतेहाबाद) में हुआ था। पंडित जसराज ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को नये शिखर पर पहुंचाया। पंडित जसराज संगीत जगत में अपने जीवन के 8० साल से अधिक समय तक सक्रिय रहे। देश के अलावा उन्होंने अमेरिका और कनाडा में भी शास्त्रीय संगीत का परचम लहराया।

पंडित जसराज को संगीत विरासत में मिली। उनका जन्म ऐसे परिवार में हुआ था जिसकी चार पीढिèयां संगीत से जुड़ी हुई थीं। चार साल की उम्र में ही पंडित जसराज के पिता निधन हो गया था। उनका पालन-पोषण बड़े भाई पंडित मणिराम की देख-रेख में हुआ। उनके भजनों में ओम नमो भगवते वासुदेवाय, गायत्री मंत्र, मेवाती घराना, शिव उपासना आदि बहुत लोकप्रिय हुए। (एजेंसी)

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