नई दिल्ली। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के समक्ष कोरोना महामारी (Coronavirus) से उपजी आर्थिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उनसे पठन-पाठन हेतु लिए जाने वाले शुल्क में छूट दिए जाने की मांग करते हुए केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। विद्यार्थी परिषद लंबे समय से छात्रों द्वारा न्यूनतम सुविधाओं का उपयोग किये जाने के कारण उनसे अन्य सुविधाओं, जिनका वह उपयोग नहीं कर रहे हैं, का शुल्क न लिए जाने की मांग करता आया है।

ABVP

इसके साथ ही अभाविप ने माननीय विधि एवं न्याय मंत्री के समक्ष छात्रों से एकमुश्त शुल्क जमा कराने की बजाए उन्हें किश्तों में शुल्क जमा कराने का विकल्प देने की मांग की। अभाविप यह भी मांग करता है कि छात्रों से शुल्क भरने में किसी प्रकार की देरी पर सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए किसी भी प्रकार का जुर्माना न लिया जाए। जिन छात्रों को शुल्क जमा कराने में विशेष समस्या आ रही है उनको प्रशासन जरूरी राहत दे एवं पिछले सेमेस्टर जमा कराए गए जिस शुल्क की सुविधाओं का छात्रों ने उपयोग नहीं किया है उन्हें इस सेमेस्टर में जोड़कर उन्हें उचित छूट दी जाए।

अभाविप ने गुजरात नेशनल लॉ यूनिविर्सिटी द्वारा छात्रों को शुल्क में लगभग 63 हजार रुपये की भारी राहत दिए जाने की तरफ माननीय मंत्री जी का ध्यान आकर्षित करते हुए अन्य विश्विद्यालयों में भी इसी प्रकार से जरूरी छूट दिए जाने की मांग की। जीएनएलयू द्वारा शुल्क में छूट, पिछले सेमेस्टर के बचे पैसों का इस सेमेस्टर के शुल्क में समायोजन इत्यादि कदम, जिनकी मांग अभाविप एक लंबे समय से कर रही है, उठाए गए हैं। साथ ही विश्वविद्यालय ने छात्रों को किश्तों में जनवरी, 2021 तक शुल्क जमा कराने का विकल्प भी दिया है। अभाविप मांग करता है कि बाकी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय भी जीएनएलयू का अनुकरण करते हुए छात्रों को राहत दें।

nidhi tripathi

अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि, “हमने माननीय केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री को ज्ञापन देकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले सभी छात्रों को शुल्क में राहत देने एवं उन्हें किश्तों में शुल्क जमा कराने का विकल्प देने की बात कही है। गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ने हमारे द्वारा लगातार सुझाए जा रहे कदम उठाकर छात्रों को भारी राहत देने का काम किया है। आशा है मंत्रालय हमारी मांगों पर शीघ्र कदम उठाएगा जिससे अन्य एनएलयू में पढ़ने वाले छात्रों को भी राहत मिल सकेगी।”

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